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*पश्चिम चंपारण के मेहनौल पंचायत भवन में भारी गड़बड़ी, गुणवत्ता पर उठे प्रश्न*

_रमेश ठाकुर के साथ मेराज आलम - गौनाहा, पश्चिम चंपारण_

_दिनांक:- 03-05-2026_


गौनाहा प्रखंड क्षेत्र में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य में भारी शिथिलता देखने को मिल रही है। निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बावजूद आधा दर्जन पंचायतों में भवन निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आज भी प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।

बिहार सरकार द्वारा पंचायत स्तर पर ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन गौनाहा प्रखंड में यह योजना सुस्त रफ्तार और अनियमितताओं की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।


जानकारी के अनुसार, प्रखंड क्षेत्र में धनेश्वरनाथ कंस्ट्रक्शन को कुल पांच भवनों के निर्माण का टेंडर दिया गया था, लेकिन एक भी भवन निर्धारित समय सीमा में पूरा नहीं हो सका है। इसे विभागीय लापरवाही या संवेदक और जेई की मनमानी के रूप में देखा जा रहा है।

मेहनौल पंचायत का मामला विशेष रूप से गंभीर है। यहां भवन के प्रथम तल की छत की ढलाई हाल ही में की गई है, जबकि अभी भी कई महत्वपूर्ण कार्य शेष हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन को पूर्ण होने में अभी कम से कम छह महीने का समय और लग सकता है।


इस संबंध में भवन निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने मेहनौल पंचायत सरकार भवन का कार्य पूर्ण होने की बात कहकर फोन काट दिया। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि निर्माण कार्य अभी जारी है। इससे विभागीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


निर्माण कार्य में अनियमितताओं की भी शिकायतें सामने आ रही हैं। भवन के बीम अंदर से खोखले प्रतीत हो रहे हैं और उसमें लगा सरिया बाहर तक दिखाई दे रहा है, जिस पर जंग लग चुका है। यह स्थिति निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।


बताया गया कि इस भवन का निर्माण लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से होना है। निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाना था, जिसमें पहली किस्त में कुर्सी, दूसरी में लिंटर और तीसरी में ढलाई का कार्य शामिल है। हालांकि, अब तक कार्य अधूरा ही है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पंचायत सरकार भवन समय पर बनकर तैयार हो जाएं, तो उन्हें अपने छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करे।

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