_रमेश ठाकुर_
_रामनगर-नरकटियागंज,_
_प०चंपारण(बिहार)_
_15-02-2026_
बेतिया। पश्चिम चम्पारण के शिकारपुर थाना इन दिनों अभूतपूर्व विवादों के भंवर में फंसा हुआ है। महज एक महीने के भीतर चार पदाधिकारियों पर गिरी कार्रवाई की गाज ने पूरे पुलिस महकमे में सनसनी फैला दी है और अब ताज़ा घटनाक्रम में थानाध्यक्ष पर न्यायालय की सख्त टिप्पणी व कार्रवाई ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। बताया जा रहा है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना, मामलों के निष्पादन में लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह सवाल और गहरा गया है कि आखिर एक ही थाना क्षेत्र में इतने कम समय में व्यवस्था क्यों चरमरा गई, क्या यह केवल संयोग है या फिर सिस्टम की जड़ें भीतर तक कमजोर हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज है कि कानून की रक्षा का जिम्मा संभालने वाली संस्था खुद जवाबदेही के घेरे में क्यों है और क्या उच्च अधिकारी इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को समझते हुए सख्त और निर्णायक कदम उठाएंगे। फिलहाल शिकारपुर थाना पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला अब केवल एक थाना तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून के सम्मान की बड़ी कसौटी बन चुका है।
