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पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज के विशुनपुरवा में एपी पाठक ने महायज्ञ में मुख्य अतिथि के रूप में भाग ले रामलीला नाटक का उद्घाटन किया*

_रमेश ठाकुर-रामनगर पश्चिम चंपारण, बिहार_

_दिनांक:- 01-03-2025_


भारत सरकार में ऊंचे पदों को सुशोभित करनेवाले तथा बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक अपने मातृभूमि चंपारण के दौरे पर है।

जहां वो लोगों से मिलन जुलन कार्यक्रम कर रहे है लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहे है।

इस कड़ी में वो सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों में भी भाग ले रहे है।

दिनांक 25/02 को नरकटियागंज के विशुनपुरवा में आयोजित धार्मिक यज्ञ और सांस्कृतिक कार्यक्रम में आयोजकों ने उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जहां उन्होंने सारे परंपराओं और प्रोटोकॉल का पालन किया।

उक्त अवसर पर आयोजक मंडली और सैकड़ों लोगों के बीच उन्होंने सनातन धर्म ,भारतीय संस्कृति और श्री राम के आदर्शों का वर्णन किया तथा लोगों से उसमें विश्वास व्यक्त करने और उसके रास्ते पर चलने की अपील किया।

उन्होंने जनता और श्रद्धालुओं के बीच मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के आदर्शों और उनके पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा दिया।

उन्होंने कहा कि सनातन हमें सत्य,क्षमा,करुणा और चारित्रिक बल देता हैं और यदि हम इसे आत्मसात कर जीवन में उतारकर समाज हित में लगाएंगे तो इससे स्वस्थ और समतामूलक समाज का निर्माण होगा जो "वसुधैव कुटुंबकम्" की भावना और उद्देश्यों को परिभाषित करेगा।

हमारे संवाददाताओं से बात करते हुए एपी पाठक ने तीर्थराज प्रयागराज महाकुंभ की विशाल महता को भी रेखांकित किया और कहा कि तीर्थराज में भारत के अरबों लोगों ने मन और शरीर से मानसिक और शारीरिक स्नान कर स्वस्थ और बेहद सुखदाई समझ के साथ समाज को एकता और अखंडता में बांधने का संकल्प लिया जो युग युगांतर तक उसकी व्यावहारिकता कायम रहेगी।

साथ ही उन्होंने विशुनपुरवा यज्ञ के आयोजकों को इस महान कृति हेतु साधुवाद और धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा कि सनातन के एक भारत श्रेष्ठ भारत से संकल्पित होकर उन्होंने पिछले डेढ़ दशकों से अधिक समय से समाज में गरीबों,जरूरतमंदों और महिलाओं की सेवा करते आ रहे है और आगे भी युद्धस्तर पर अपने बाबु धाम ट्रस्ट द्वारा समाज के हित के लिए काम करते रहेंगे।

आपको बताते चलें कि एपी पाठक अध्यात्म को समाज कार्य से जोड़कर देखते है और उसी की।परिणीति है कि वो लोगों की लगातार सेवा बिना उनका धर्म,पंथ,क्षेत्र और भाषा जाने करते रहते है।

उन्होंने मिडिया को बताया कि उन्होंने मंदिर,मस्जिद अथवा किसी भी धार्मिक आयोजनों से सबसे ज्यादा अंदरूनी प्रेरणा लोगों की सेवा से होती है जो सेवा उनकी गैर राजनीतिक है।

एपी पाठक अपने बाबु धाम ट्रस्ट के माध्यम से चंपारण में युवाओं हेतु नशा विरोधी कैंपेन और उनके समाज में मुख्यधारा में लाने का लगातार प्रयास करते रहते है और उसकी परिणीति ही है कि आज एपी पाठक के सहयोग से चंपारण के हजारों युवा अपने कैरियर में स्थापित है।

साथ ही एपी पाठक ने उन लाभान्वित युवाओं से वंचितों ,गरीबों की सेवा करने और धर्म को वैज्ञानिक रूप से जोड़ने और समाज कार्य करने की प्रेरणा दिया और ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं को संबंधित गतिविधियों को संचालित करने और समाज के अंतिम पायदान की भागीदारी सुनिश्चित करने का दायित्व बोध कराया

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