*ट्रक ने मारी टक्कर, एक ही परिवार के तीन की मौत, साला सहित अन्य घायल!* _
*बेतिया / रामनगर पुलिस अनुमंडल से ठाकुर रमेश* *शर्मा( मानवाधिकार एवं अपराध विशेष रिपोर्टर) पश्चिमी चंपारण* *बिहार का रिपोर्ट _...*
*नरकटियागंज( पश्चिमी चंपारण);-* दिल्ली से पश्चिम चंपारण नरकटियागंज पुलिस अनुमंडल के बिनवलिया आ रही स्विफ्ट डिजायर कार जो आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर पीछे से तीव्र गति से आ रही डंपर ट्रक के चालक की लापरवाही के चलते जोरदार टक्कर की शिकार हो गई।
पश्चिमी चंपारण,बिहार के बेतिया पुलिस जिला, शिकारपुर थानांतर्गत बिनवलिया निवासी संवाददाता मोहम्मद अजहुद्दीन (फास्ट न्यूज) प ०चंपारण,बिहार संस्करण (पोर्टल न्यूज),पिता--यासीन अंसारी ,उम्र-45 वर्ष, हाल मुकाम गली नंबर 1 कौशिक पुरी दिल्ली अपने पिता (1)मो० यासीन अंसारी, पिता- स्वर्गीय सलामत अंसारी,
2) पत्नी इननियारा खातून-उम्र 20 वर्ष (3) पुत्री सायरा-उम्र 7 माह, भाई नसबुद्दीन अंसारी एवं साले नज़्बुल्लाह अंसारीके साथ अपने कार से घर(गाँव) लौट रहे थे, तभी डंपर चालक की लापरवाही से काल के गाल में समा गए।
घटनास्थल पर लोकल पुलिस ने भी घोर लापरवाही की। अगर बेटी सायरा का इलाज नजदीक होता तो बच सकती थी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बाबा योगी आदित्यनाथ को शीघ्र ध्यान देने की आवश्यकता है।बिहार के घायलों के साथ एक्सप्रेस वे पर पुलिस घोर लापरवाही करती है। पुलिस वाले घायलों से दुर्व्यवहार भी कर रहे हैं, इस घटना में चालक अजरुदीन फास्ट न्यूज़ के नरकटियागंज विशेष संवाददाता है,फिर भी ऐसी लापरवाही ?
तो आम लोगों के साथ पुलिस क्या हरकत करती है जो शीघ्र जांच का विषय है ।
योगी है फिर भी यूपी पुलिस मानवाधिकार उत्पीड़न से चूकती नहीं।आखिर क्यों?
दिनांक 18/12/2022 को जब मीडिया कर्मी अजहरुद्दीन की पत्नी,नवजात बच्ची जिसकी उम्र महज 7 माह थी। 20 वर्षीय पत्नी की मृत शरीर को लेकर जब 12:00 बजे दिन में 19 दिसंबर को अजहरुद्दीन अपने गांव बिहार राज्य के पश्चिमी चंपारण जिला अंतर्गत शिकारपुर थाने के बिनवलिया पहुंचा तो 10 हजार की संख्या में महिला-पुरुष,बच्चे इंतेजार में जुटे हुए थे।इसके उपरांत गांव की ही कब्रिस्तान में चीत्कार के साथ हम माटी मैजल करके शोकाकुल परिवार को सांत्वना दिया।
अब देखना यह है कि बिहार सरकार इस हृदय विदारक सामूहिक हादसे में किस प्रकार मदद देकर यूपी के विराजमान भाजपा के मुख्यमंत्री योगी जी से क्या इंसाफ दिलवा पाती हैं? क्योंकि कार की हालत ही पहचान है!



