_रमेश ठाकुर_
_रामनगर-नरकटियागंज,_ _प०चम्पारण(बिहार)_
_03-02-2026_
नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को देश के सामाजिक-आर्थिक विकास की नई दिशा तय करने वाला बजट बताया जा रहा है। बाबू धाम ट्रस्ट के संस्थापक एवं पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह एपी पाठक ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है और “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को मजबूती प्रदान करता है। संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि बजट में गरीब और वंचित वर्ग के लिए विशेष राहत के प्रावधान किए गए हैं। आवास, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं को सुदृढ़ बनाकर सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक भी सरकारी सहायता पहुंचे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकारी स्कूलों के सुदृढ़ीकरण, स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल एजुकेशन और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया गया है, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। कृषि क्षेत्र को लेकर किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए पाठक ने कहा कि कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, फसल बीमा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उपाय किसानों की आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे और ग्रामीण भारत को नई मजबूती देंगे।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों, उद्यमिता और पोषण योजनाओं के विस्तार से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी बजट को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे को बढ़ाने से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और आम नागरिक का जीवन स्तर बेहतर होगा।
एपी पाठक ने कहा, “बजट 2026 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि यह आम नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का रोडमैप है। यह बजट समाज के कमजोर वर्गों के साथ-साथ देश के भविष्य, यानी युवाओं, को आगे बढ़ाने वाला है।” उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की दूरदर्शी सोच जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होगी और भारत को आत्मनिर्भर, समावेशी और सशक्त राष्ट्र बनाने में यह बजट अहम भूमिका निभाएगा।
