_रमेश ठाकुर_
_रामनगर-नरकटियागंज,_ _प०चम्पारण (बिहार)_
_03-01-2026_
पटना, 02 जनवरी 2026।
मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय जनता पार्टी, बिहार प्रदेश के अध्यक्ष श्री संजय सरावगी ने माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर मैथिली अकादमी को उसके पूर्ववत स्वतंत्र एवं स्वायत्त स्वरूप में पुनः सक्रिय करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मैथिली अकादमी का सशक्तिकरण न केवल भाषा और साहित्य के विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान देगा।
अपने पत्र में श्री सरावगी ने उल्लेख किया कि वर्ष 1976 में स्थापित मैथिली अकादमी ने विगत दशकों में मैथिली भाषा को संरक्षित रखने और उसे राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने में अहम भूमिका निभाई है। अकादमी द्वारा प्रकाशित शोधपरक और साहित्यिक पुस्तकें विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल रही हैं तथा UPSC, BPSC जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी उपयोगी सिद्ध हुई हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समय के साथ अकादमी की गतिविधियों में अपेक्षित गति नहीं रह पाई है, जिससे शोधार्थियों, विद्यार्थियों और साहित्यकारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मैथिली अकादमी को पुनः स्वतंत्र, स्वायत्त और संसाधन-संपन्न बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वह अपने मूल उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी भूमिका निभा सके।
श्री सरावगी ने मुख्यमंत्री पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार निश्चित रूप से मैथिली अकादमी के सुव्यवस्थित संचालन, शोध कार्यों के विस्तार, प्रकाशन गतिविधियों को प्रोत्साहन तथा युवा पीढ़ी को मैथिली भाषा से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाएगी। इससे न केवल साहित्यकारों और शोधकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी, बल्कि मैथिली भाषा के प्रति युवाओं का रुझान भी बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मैथिली अकादमी का सशक्तिकरण करोड़ों मैथिलीभाषियों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। अकादमी के सुदृढ़ होने से मैथिली भाषा-संस्कृति को संरक्षण मिलेगा और बिहार की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी।


