_रमेश ठाकुर_
_रामनगर - नरकटियागंज_ _प०चम्पारण (बिहार)_
_08-01-2026_
माननीय कृषि मंत्री, बिहार श्री राम कृपाल यादव ने किसानों के हितों की रक्षा एवं कृषि क्षेत्र में नवाचार को गति देने के उद्देश्य से बुधवार को दो महत्वपूर्ण पहलें कीं। एक ओर जहाँ उन्होंने भोजपुर जिले का औचक निरीक्षण कर उर्वरक व्यवस्था की सघन समीक्षा की, वहीं दूसरी ओर पटना स्थित कृषि भवन में अभियंत्रण महाविद्यालयों के प्रशिक्षु छात्रों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान कर कृषि में तकनीकी सहभागिता को प्रोत्साहित किया।
भोजपुर जिले के भ्रमण के दौरान कृषि मंत्री ने कोईलवर प्रखंड अंतर्गत मै० किसान सेवा केंद्र, सकड़ी तथा मै० मां खाद एवं बीज भंडार, कायमनगर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उर्वरकों की अधिक मूल्य पर बिक्री, कृत्रिम अभाव एवं कालाबाजारी को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को निर्धारित दर पर समयबद्ध, निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कृषि मंत्री ने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में किसी भी प्रकार की उर्वरक की कमी नहीं है। 07 जनवरी 2026 को राज्य में 2.09 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.45 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.20 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.35 लाख मीट्रिक टन एमओपी एवं 1.09 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है।
रबी 2025-26 के दौरान अनियमितता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 38 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है तथा 104 प्रतिष्ठानों का उर्वरक प्राधिकार पत्र रद्द किया गया है। कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर नियंत्रण हेतु मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार छापामारी कर रहा है। कृषि मंत्री ने जिला एवं प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समितियों की नियमित बैठक सुनिश्चित करने तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में सशस्त्र सीमा बल के समन्वय से कड़ी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसी दिन कृषि भवन, पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री ने बिहार के विभिन्न अभियंत्रण महाविद्यालयों के 20 प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को सफल प्रशिक्षण उपरांत प्रमाण पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक श्री सौरभ सुमन यादव एवं अपर सचिव श्री मनोज कुमार उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्यप्रणाली से जोड़कर कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं ई-गवर्नेंस को सशक्त करना है। उन्होंने बताया कि यह इंटर्नशिप कार्यक्रम भूमि संरक्षण निदेशालय, कृषि अभियंत्रण संभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी संभाग (DBT एवं AGRI STACK) में संचालित किया गया, जिसमें सिविल, मैकेनिकल, कंप्यूटर साइंस एवं आईटी के छात्रों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रशिक्षु युवा अपनी तकनीकी दक्षता एवं नवाचार क्षमता के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आधुनिक बनाने में योगदान देंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि में नवाचार—दोनों मोर्चों पर बिहार सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
