_रमेश ठाकुर_
_रामनगर-नरकटियागंज,_ _प०चंपारण(बिहार)_
_31-12-2025_
पटना, 31 दिसंबर।
परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन निबंधन प्रमाणपत्र (आरसी) से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में प्रतिदिन औसतन 1,841 ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं, जबकि 3,731 वाहनों का निबंधन हो रहा है। यह जानकारी परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय, पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दी। मंत्री पटना एवं नवादा जिले के सफल आवेदकों को सांकेतिक रूप से डीएल एवं आरसी प्रमाणपत्र प्रदान करने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और अपने-अपने जिलों में ड्राइविंग टेस्ट पास करने वाले आवेदकों को डीएल व आरसी वितरित किए। शेष आवेदकों को ये प्रमाणपत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से उनके घर भेजे जाएंगे। मंत्री ने कहा कि डीएल और आरसी की लंबित फाइलें विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती थीं, जिसका सीधा असर आम जनता, युवाओं और रोजगार से जुड़े लोगों पर पड़ रहा था। विभाग द्वारा मिशन मोड में कार्य, लगातार मॉनिटरिंग और विशेष अभियानों के जरिए इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है।
सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए मंत्री ने बताया कि विद्यालयी छात्रों को जागरूक करने के उद्देश्य से 1 जनवरी से 31 मार्च तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही 1 से 15 जनवरी तक राज्य के सभी निजी विद्यालयों की बसों के चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और सड़क सुरक्षा मानकों की सघन जांच की जाएगी। डीएल कार्ड जारी करने वाली एजेंसी के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक 1 करोड़ 52 लाख से अधिक वाहन निबंधित हैं और 1 करोड़ 30 लाख से ज्यादा लोग लाइसेंसधारी हैं। नवंबर माह में आरसी के 1 लाख 38 हजार 550 मामले लंबित थे। 30 दिसंबर तक कुल 3 लाख 73 हजार 868 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3 लाख 43 हजार 266 आरसी जारी कर दिए गए हैं और अब केवल 30 हजार 602 मामले शेष हैं। वहीं, ड्राइविंग लाइसेंस के नवंबर में 56 हजार 54 मामले लंबित थे, जबकि इस दौरान 58 हजार 266 नए आवेदन आए। इनमें से 84 हजार 841 डीएल जारी किए जा चुके हैं और मात्र 29 हजार 478 मामले शेष हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ों की नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की भी है। समय पर डीएल मिलने से टैक्सी, ऑटो, ई-रिक्शा और मालवाहक वाहन चालकों के साथ-साथ रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिल रही है। साथ ही दुर्घटना की स्थिति में बीमा और मुआवजे का लाभ भी आसानी से मिल सकेगा। कार्यक्रम में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि 1 जनवरी से बिहारशरीफ में दो नई पिंक बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा, जबकि पटना-राजगीर-ककोलत रूट पर एक-एक डीलक्स बस भी चलाई जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य के छह प्रमंडलों में बस डिपो का निर्माण कार्य प्रगति पर है और 194 नई बसें मंगाई जा रही हैं, जिन्हें अंतरराज्यीय मार्गों पर संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम में परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


