_रमेश ठाकुर – रामनगर, पश्चिम चंपारण, बिहार_
_दिनांक: 24 मार्च 2025_
शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को नमन करते हुए रामनगर में "एक शाम शहीदों के नाम" कार्यक्रम का आयोजन बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ किया गया। विगत 20 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा को इस वर्ष भी रामनगर के महान समाजसेवी भाई औरंगजेब के नेतृत्व में पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। रामनगर थाने के सामने स्थित प्रेम जननी संस्कृत विद्यालय के प्रांगण में 23 मार्च 2025 को आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, नेताओं, समाजसेवियों, पत्रकारों के साथ बड़ी संख्या में आम जनता भी शामिल हुई।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को याद करके और मशाल प्रज्वलित से हुई। इसके बाद देशभक्ति गीतों, विचार गोष्ठी और कविता पाठ के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के अमर वीरों को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने देश की आज़ादी में शहीदों के योगदान को याद करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
भाई औरंगजेब ने अपने संबोधन में कहा,
"हमारी यह जिम्मेदारी है कि हम शहीदों के सपनों का भारत बनाएं, जहां समानता, भाईचारा और राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल हो। जब तक यह आयोजन होता रहेगा, तब तक शहीदों की गाथा हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी।"
इस अवसर पर रामनगर के गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार रखे और शहीदों की अमर गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं ने देशभक्ति पर आधारित नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।
कार्यक्रम के अंत में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया और सभी ने यह संकल्प लिया कि वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
"एक शाम शहीदों के नाम" सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवंत रखने का संकल्प है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता रहेगा।


