_ठाकुर रमेश शर्मा_
_रामनगर पुलिस अनुमंडल_ _(बगहा)_
_जिला - पश्चिमी चंपारण (बिहार)_
_दिनांक - 02-05 -2023_
बिहार राज्य के तिरहुत परिक्षेत्र में कितना असर रहा ?
मजदूर दिवस पर यह बानगी सभी जगह देखने को मिला ।
कमीशन देकर लेबर इंस्पेक्टर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को टहलाया गया कुछ जगह को छोड़ दिया जाए तो सभी प्रतिदिन की भांति 1 मई 2023को सभी कार्य स्थलों पर वर्कर कार्य करते नज़र आए। भारत सरकार पेंटीकार जो रेल विभाग का है। सप्तक्रांति सुपरफास्ट में पेंटीकार में विपुल कुमार जो पैंट्रीकार में इंचार्ज हैं।12558 डाउन ट्रेन में ऐसा मजदूर दिवस वाले दिन पाया गया तथा उसमे संरक्षण सिविल ड्रेस में घूम रहे पुलिस कर्मी जो भरपूर नास्ता कर रहा था ।इस कार्य मे CCTV बिल्कुल अनिवार्य रूप से होना चाहिए ।क्योकी सप्तक्रांति जो 29 अप्रैल को वही पुलिस कर्मी एवं स्टाफ थे या परिवहन पदाधिकारी यानी
(B.T.O)बेतिया पर अभी कोई आरोप नहीं है उन्हें ही शिकंजा कसना होगा या (M.V.I)का ट्रांसफर करना होगा तभी किसानों ,गरीबो,माध्यम वर्गीय आम लोगों को ,छात्रों को ,छात्राओ को ,छोटे -छोटे सरकारी कर्मियों का शोषण रुकेगी ।जब इस बाबत पत्रकार ने
(M.V.I) संजय टाइगर से उनके निजी न०7903210819पर बात किया वो उत्तेजित हो गए ,भड़क गए ऐसा लग रहा था कि दलाल इनके निजी रिस्तेदार है।
हालांकि (D.T.O)अच्छे से बात करते है जनता उनसे खुश है।आम लोगों को अक्सर (M.V.I)डांटते ऑफिस में भी डांटते हुए नजर आ जाएंगे।कहते है पत्रकारों से मैं बात नही करता हू। क्योंकि पटना के सभी पत्रकार इन्ही के रिश्तेदार है।तब इनके खिलाफ न्यूज कौन बनाएगा।अभी अभी 15 अप्रैल को भी एक वरिष्ठ पत्रकार को भी धमकाकर फोन काट दिया था,क्योंकि (M.V.I) ने एक महिला से काफी रिश्वत मांगा था। जब तक संजय टाइगर जाएंगे नही तब तक प०चम्पारण से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगी।इस पर श्रम संधारण आए थे सेंट्रल विजिलेंस कमीशन को ध्यान देना होगा।तभी मजदूर दिवस का मतलब निकलेगा। पश्चिम चंपारण में सबसे ज्यादा लेबर इंस्पेक्टर नरकटियागंज के ले रहे हैं जो घूम घूम रोज पिकनिक मनाते हैं। तथा बेरोजगार मजदूरी का आवेदन के लिए कुछ महिलाओं का इस्तेमाल करते हैं।
करोड़ों रुपये की फर्जी रूप से वसूली भी कर चुके हैं खाता में पैसा भेजने के नाम पर।अपने क्षेत्र के बाहर का भी वसूली धंधेबाजो से करा रहे हैं।
विभाग क्यों अनजान,जो जांच का विषय है। इनका अगर तबादला नहीं हुआ तो इस क्षेत्र के मजदूरों कल्याण तो होगा नहीं। इनके फर्जीवाड़े के कोप का शिकार अब विभाग को होना होगा।आज भी डेरा पर मजे ले रहे हैं ड्यूटी करने के बजाए।


