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*क्या बेतिया पश्चिमी चंपारण जिले के डीटीओ ऑफिस दलालों के चंगुल में ? - अनिमेष पांडे(वरिष्ठ अधिवक्ता)*

 


_ठाकुर रमेश शर्मा-(मानवाधिकार एवं अपराध विशेषज्ञ)_

_रामनगर,पश्चिमी चंपारण (बिहार)_

_दिनांक:-30-04-2023_


पूरे भारत को ऑनलाइन कर लो, परंतु डीलिंग हम अपने हिसाब से करेंगे - एम०बी०आई०बेतिया।


भ्रष्टाचार चाहे जीरो टेलरेंस करने का प्लान पूरी जिंदगी धरी की धरी रह जायेगी - संजय टाइगर 


जिला पश्चिमी चंपारण के परिवहन कार्यालय में अगर कोई वाहन से संबंधित कार्य करना है तो दलाल रूपी औपचारिकताएं पूरे किए बगैर आपका कार्य संभव नहीं है। हालांकि जिला परिवहन पदाधिकारी को इस बाबत कोई जानकारी नहीं है।महज यह कारगुजारी संजय टाइगर स्तर पर ही धड़ल्ले से हो रहा है। 

नाक के नीचे यह भ्रष्टाचार की गंगा बहना इसलिए संभव हो पा रही है क्योंकि सभी सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हो गए है या विभागीय उदासीनता से चोरी होकर खराब है।


इस बाबत जब जिला परिवहन पदाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि निगरानी विभाग में सभी रिटायर्ड हो गए है। रत्न संजय जब एडीजी थे तो काम करते थे,अब वे भी रिश्वत लेकर ही तो रिश्वत लेने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करते हैं। रामनगर का एक फर्जी नेता


जनप्रतिनिधि घूम- घूमकर कहता है "जब से हम ठंडा गए तब से आखिर क्यों नहीं आई एंटी करप्शन टीम ?

रामनगर जब नगर पंचायत था तब एक छोटा सा खेल भी एक भ्रष्टाचारी नेता ने सेटिंग-गैटिंग खेला जो खुद रिस्वतखोरो से रिश्वत लेकर किन्नर बन गया।क्या अब रामनगर में रिश्वतखोर ब्यूरोक्रेट नहीं है ?

है,खूब है।परंतु रिश्वत के बल पर चुप है।कोई व्यक्ति जबतक धंधेबाज नहीं होता है तबतक की रंगबाज रहता है। जब धंधे में आ जाता है तो उसकी भी फटने लग जाती है, गांठ की समूह।

अब तो टाइगर की तरह पश्चिमी चंपारण में निगरानी विभाग को निगरानी करना होगा तभी यहां के भ्रष्टाचारी जेल में होंगे तथा उनके निवास पर जो ऑफिस चलता है बगल के चौक के होटलों में सभी गिरफ्तार होंगे। या परिवहन पदाधिकारी यानी DTO बेतिया पर अभी कोई आरोप नहीं है।उन्हें ही शिकंजा कसना होगा या(MVI) का ट्रांसफर करना होगा तभी किसानों,गरीबों, मध्यमवर्गीयो,आम लोगों को, छात्र-छात्राओं को तथा छोटे-छोटे सरकारी कर्मियों की शोषण रुकेगी।

जब इस बाबत पत्रकार ने (M.V.I) संजय टाइगर से उनके निजी नंबर-7903210819 पर बात किया तो उत्तेजित हो गए ,भड़क गए ।ऐसा लग रहा था कि दलाल इनके निजी रिश्तेदार हैं  हालांकि (D.T.O) साहब अच्छे से बात करते है।जनता इनसे खुश है।आम लोगो को अक्सर (M.V.I) डराते ऑफिस में भी नजर आ जाएंगे।

कहते है पत्रकारों से मैं बात नही करता हूँ क्योंकि पटना के सभी पत्रकार इन्ही के रिश्तेदार है।तब इनके खिलाफ न्यूज कौन बनाएगा?

अभी-अभी 15 अप्रैल को भी एक वरिष्ठ पत्रकार को भी धमकाकर फोन काट दिया था,क्योंकि (MVI) ने एक महिला  से काफी रिश्वत मांगा था।जब तक संजय टाइगर जाएंगे नही तबतक प०चम्पारण से भ्रष्टाचार खत्म नही होगी।

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