_ठाकुर रमेश शर्मा_
_रामनगर पुलिस अनुमंडल सह_ _विधान सभा +नरकटियागंज पश्चिमी चंपारण (बिहार)_
_दिनांक -13 अप्रैल 2023_
बिहार में आजादी के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जंगल राज से मुक्ति के प्रशासनिक सुधार के स्तर पर आम आदमी के छोटे-बड़े समस्या के निदान के लिए लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लागू करके अनुमंडल जिला प्रमंडल एवं राज्य स्तर पर सुनवाई के लिए अरबों रुपए लगाकर एक अतिरिक्त विभाग को बना दिया गया। परंतु कार्यवाही के नाम पर आम गरीब का शोषण कोई भी कर्मी आम जनता से ठीक से बात भी नहीं करते हैं। अंचल
आदेश प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा दूसरे ब्यूरोक्रेट तो यह समझते हैं कि हमारा क्या बिगड़ेगा? फांसी थोड़ी ना लग रही है जब पद प्राधिकार के तहत उपस्थित होने की बात होती है तो कार्य कार्यपालक पदाधिकारी या सहायक तो संबंधित विभाग से बोल देते हैं चार तारीख दौड़ाकर प्रार्थी के खिलाफ आर्डर करा दो हम देख लेंगे। सबसे बड़ी बात तो नरकटियागंज का है यहां तुम्हारे अधिकारी चले भी तो हैं परंतु आज तक यानी 11 अप्रैल 2023 तक बोर्ड भी सुधार नहीं हुआ। पुराने अधिकारी का नंबर डिस्प्ले कर रहा है।
नरकटियागंज का शिकायतकर्ता । मुरुल उर्फ़ अमीरुल्लाह खां का आज का अपडेट क्या है? उस सहायक ने बताया कि आधिकारी बैठे या न बैठे आप मिया जी अपना अपील के लिए आर्डर जरूर ले जाए आखिर क्यों?
बिना अधिकारी जो बेतिया तथा नरकटियागंज के चार्ज प्रभार में सुजीत कुमार भला आर्डर क्या देंगे ,ऐसा भी होता है क्या ?
यानी " *चोर -चोर मौसेरा भाई "* वाली कहानी चरितार्थ होने वाली है । ऐसा C.O सिकटा कह रहे थें इस प्रकरण में ।
ठीक उसी प्रकार वर्षो से एक ही जगह पर जमे रामनगर अंचलाधिश - विनोद कुमार मिश्र भी हमेशा कहते हैं - क्या लोक शिकायत निवारण मेरा क्या उखाड़ लेगा ? मैं किसी भी अपने खिलाफ वाले में अपरिस्थिति नही होता हुं। उनके खिलाफ भी अतुल्य कुमार उर्फ़ झुन्ना पाण्डेय
ग्राम -तौलाहा रामनगर , डैनमरवा के जहिर मिया के मामले में जो वर्षों से नामृत है महीनों से
_ठाकुर रमेश शर्मा_
_रामनगर पुलिस अनुमंडल सह विधान सभा +नरकटियागंज_ _पश्चिमी चंपारण (बिहार)_
_दिनांक - 13 अप्रैल 2023_
बिहार में आजादी के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जंगल राज से मुक्ति के प्रशासनिक सुधार के स्तर पर आम आदमी के छोटे-बड़े समस्या के निदान के लिए लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लागू करके अनुमंडल ,जिला ,प्रमंडल एवं राज्य स्तर पर सुनवाई के लिए अरबों रुपए लगाकर एक अतिरिक्त विभाग को बना दिया गया। परंतु कार्यवाही के नाम पर आम गरीब का शोषण कोई भी कर्मी आम जनता से ठीक से बात भी नहीं करते हैं। अंचलाधीश , प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा दूसरे ब्यूरोक्रेट तो यह समझते हैं कि हमारा क्या बिगड़ेगा? फांसी थोड़ी न लग रही है जब प्राधिकार के तरफ उपस्थित होने की बात होती है तो कार्य कार्यपालक पदाधिकारी या सहायक तो संबंधित विभाग से बोल देते हैं -चार तारीख दौड़ाकर प्रार्थी के खिलाफ आर्डर करा दो हम देख लेंगे। सबसे बड़ी बात तो नरकटियागंज का है यहां तो अधिकारी चले भी गए परंतु आज तक यानी 11 अप्रैल 2023 तक बोर्ड भी सुधार नहीं हुआ। पुराने अधिकारी का नंबर डिस्प्ले कर रहा है। अधिकारी का नाम सुजीत कुमार दिखा रहा है। तथा मोबाइल नंबर बालेश्वर प्रसाद का दिखा रहा है। इस बाबत नरकटियागंज वाले बोर्ड के अधिकारी से बात किया तो उन्होंने बात करने से तथा सुजीत कुमार का नंबर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया तथा नरकटियागंज के कार्यालय कार्यपालक सहायक सहरसा मुख्तार से जब पूछा गया तो मेरे अनन्यय पंजीयन सं०501110123022305365
नरकटियागंज का शिकायतकर्ता । मुरुल उर्फ़ अमीरुल्लाह खां का आज का अपडेट क्या है? उस सहायक ने बताया कि आधिकारी बैठे या न बैठे आप मिया जी अपना अपील के लिए आर्डर जरूर ले जाए आखिर क्यों?
बिना अधिकारी जो बेतिया तथा नरकटियागंज के चार्ज प्रभार में सुजीत कुमार भला आर्डर क्या देंगे ,ऐसा भी होता है क्या ?
यानी " *चोर -चोर मौसेरा भाई "* वाली कहानी चरितार्थ होने वाली है । ऐसा C.O सिकटा कह रहे थें इस प्रकरण में ।
ठीक उसी प्रकार वर्षो से एक ही जगह पर जमे रामनगर अंचलाधिश - विनोद कुमार मिश्र भी हमेशा कहते हैं - क्या लोक शिकायत निवारण मेरा क्या उखाड़ लेगा ? मैं किसी भी अपने खिलाफ वाले में अपरिस्थिति नही होता हुं। उनके खिलाफ भी अतुल्य कुमार उर्फ़ झुन्ना पाण्डेय
ग्राम -तौलाहा रामनगर , डैनमरवा के जहिर मिया के मामले में जो वर्षों से लंबीत है महीनों से SDM के यहां भी लंबित है इस प्रकरण में तो महिला SDM को C.O रामनगर ने यह कहकर पीड़ित को भगा दिया था की क्या मुझे फांसी पर लटका देंगे D.M मैं तो लोकायुक्त पटना को भी कुछ नहीं समझता हूं।यह हाल है पश्चिमी चंपारण के अठारह प्रखंड में पदस्थापित चंद ऊंचे रसुक वाले अंचलाधीशों का ।ये लोग यह भी कहते हैं की जब लोकशिकायत निवारण में जवाब देने के लिए पर्धिकार के प्रतिनिधि को बुलाया जाता है तो हम कुछ c.o जो ऊंचे रसुक वाले हैं अगर दूसरा कार्य होता है तभी अनुमंडल के प्राधिकार में उपस्थित होते हैं।



