*(रिश्वत लेकर होती है कब्जे का खेल!)*
_ठाकुर रमेश-शर्मा पश्चिमी चंपारण (बिहार)_
_दिनांक -28-11-2022_
"अंधा बांटे रेवड़ी अपने-अपने दे जी हौ" -यही कहानी चरितार्थ हो रही है,रामनगर के अतिक्रमण मुक्ति अभियान पर। बगहा पुलिस जिले के रामनगर विधानसभा क्षेत्र में लग ही नहीं रहा बल्कि साबित भी हो रही है कि सारे भ्रष्टाचारियों का संगम स्थली यही बन गई है। रामनगर विधानसभा क्षेत्र में ऐसा लग रहा है कि इसका कमान पटना से चलती नहीं बल्कि उन चंद भ्रष्ट अफसरशाहो को देसी घी चंपारण से ही जाता है,ऐसा मीडिया वाले नहीं बल्कि भाजपा के कार्यसमिति सदस्य मधुकर राय जो आवाज बुलंद करते करते अब दो हफ्तों से चुप होकर बैठ गए हैं।उधर भगत सिंह चौक से महान समाजसेवी भगत सिंह
चौक के संरक्षक भाई औरंगजेब का कहना है कि यह अभियान महज चंद लोगों के आशियाने को तितर-बितर करने के लिए शुरू हुआ था। जो अब लगभग समाप्त होने के कगार पर है। तभी तो बहुअरी वाले भाई सलाउद्दीन का कहना सत्य है-"अंधा बांटे रेवड़ी अपने- अपने दे जी हौ"। नारायणापुर से भाई इमरान खान तो रोज मीडिया कर्मियों से बोलते नजर आ रहे हैं कि प्रशासन वाले खाली सब्जी मंडी तोड़वाना जानते हैं। डाक बंगला यानी जिला परिषद के जमीन में लगवाना नहीं जानते हैं।आम गरीब मारे मर रहे हैं। बेलासपुर के निवासी एवं जुझारू नागरिक दीपू राय ने अपने बयान में बताया है कि किशोरी मल यानी स्वर्गीय कृष्ण मुरारी खेमका के फुलवारी यानी (बरात घर के सामने से लेकर )ब्लॉक रोड तक अगर त्रिवेणी नहर पर ध्यान नहीं दिया त्रिवेणी कनाल के भ्रष्ट अधिकारियों ने तो शीघ्र ही दोनों साइड
के बैंकों पर इनके ख़ास कुनबे के द्वारा पक्का मकान बना लिया जाएगा ।क्योंकि इनका कुनबा बहुत बड़ा है।यहां से पटना तक ऐसा कहते हुए अभी चंद दिन पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की एक खास समूह ने सुनी थी जैसे अभिषेक राय,सुरेश गुप्ता, भूपेंद्र जयसवाल,पंकज झुनझुनवाला तथा भूपेंद्र जयसवाल ने तो यह भी कह दिया कि अतिक्रमण वह लड्डू है जो खाए वह पछताए और जो न खाए वह भी पछताए। भाई पंकज झुनझुन वाले ने कहा है कि नगर पंचायत में अतिक्रमण हटाने का ढकोसला दिखाका, थोड़ा खेल करके हम जनता को अधिकारी झुनझुना पकड़ा दिए हैं। रामनगर थाना क्षेत्र के तौलाहा गांव निवासी छोटू भैया उर्फ शाश्वत केदार जो वाल्मिकीनगर लोक सभा के मध्यावधि चुनाव के उप विजेता रहने वाले शाश्वत केदार ने अपने बयान में बताया ।


