Type Here to Get Search Results !

*ब्यूरोक्रेट के मनमानी से जनप्रतिनिधि परेशान !*

 


 *कही प्रपत्र (क) तो या भ्रष्टाचार का आरोप तो नही गठित होगा ?* 

 _( मामला भूतपूर्व मुख्यमंत्री के पंचायत का)_ 


 _ठाकुर रमेश शर्मा-रामनगर,प०चम्पारण (बिहार)_ 

 _दिनांक:-14-10-2022_ 


विगत कुछ वर्षों पहले से हर व्यक्ति के जुबान पर एक ही बात भ्रष्टाचार के मुद्दे पर रहता है। इस सरकार में अफसरशाही चरम पर है। यह बात महज बिहार के लिए नहीं है,बल्कि पूरे भारत हिंदुस्तान में है।

वर्ष 1947 से पहले देश अंग्रेजों के हाथों गुलाम था,परंतु आम जनता यानी लोग आजाद थे। आज देश आजाद है परंतु ब्यूरोक्रेट के हाथों आम जनता यानी लोग गुलाम है। हालांकि भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी का ऐलान था कि मैं सबसे पहले इस भारतवर्ष को ब्यूरोक्रेट के मकड़जाल से मुक्त कराकर ब्यूरोक्रेसी को खत्म करूंगा।

 मेरे प्यारे भारतवासियों संयोग के साथ दुर्भाग्य है कि आज भी इस हिंदुस्तान रुपी इंडिया में जो ऑनलाइन सेवा से जुड़ गया परंतु हाई क्वालिफाइड ब्यूरोक्रेट का भ्रष्टाचार का दल बदल गया परंतु खत्म आज भी नहीं हो सका

               भारत के सत्ताधारी राजनेता अगर इमानदारी से उस भ्रष्टाचार रूपी चश्मे को उतार देते हैं तो सब दिख जाता। उसी का मिसाल है- ग्रामीण भारत की आवाज कहती हैं की पंचायत भारत के संविधान में स्थानीय स्वशासन में सबसे छोटी परन्तु सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। आप ब्यूरोक्रेट उस स्थानीय जनप्रतिनिधि के आवाज को कैसे दबा सकते हैं ?

ज्ञात हो कि भारत मे आजादी से पहले सन 1942 में ग्राम पंचायत का गठन हुआ।एक ऐसा भी समय आया कि 22 वर्षो तक मुखिया का चुनाव नही हुआ जो 22वर्षिय तजुर्बेकार मुखिया कहलाते है।

अरे! तुम्हें पता नहीं कि स्थानीय स्वशासन के निर्वाचित प्रतिनिधि के आवाज को दबा कर उसके अधिकार से वंचित कर रहे हैं। यह मौलिक अधिकार का हनन के साथ दलित महिला प्रतिनिधि के साथ तुम उत्पीड़न कर रहे हो। अब तुम इसलिए उसे प्रताड़ित कर रहे हो कि वह दलित हैं ! इसलिए ही तो तुम पर दलित उत्पीड़न का मामला जांचोपरान्त बन सकता है।  क्योंकि ऐसे प्रकरण में तुम्हें सुप्रीम कोर्ट में उस धारा 91 का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। अभी भी समय है, मेरे अजीज ब्यूरोक्रेट तुम संभल जाओ। यह मामला ट्रू हो जाएगा।   मेरे इस कोड वर्ड का माने इस आर्टिकल के माध्यम से किसी विद्वान के माध्यम से समझना। 


                 विगत 2 दिन पहले जिला उप विकास आयुक्त बेतिया पश्चिम चंपारण (गोपनीय शाखा) के पत्रांक-326 गो०/ दिनांक 28-09-2022 में रामनगर प्रखंड के तौलाहा पंचायत जो भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय केदार पाण्डेय जी का पैतृक निवास वाला पंचायत है।

             इसके वर्तमान दलित मुखिया अनीता देवी पति विनोद राम (डीलर) ग्राम बहुअरी,ग्राम पंचायत राज-तौलाहा थाना- रामनगर निवासी द्वारा आरोप लगाया गया है कि उनके पंचायत में पंचायत रोजगार सेवक एवं मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता एवं मनमानी की जाती है। तथा जनप्रतिनिधि को योजनाओं की जानकारी नहीं देते हुए उनकी बातों को भी नहीं सुना जाता है।

  अब उक्त बातें पत्र के आलोक में जिला उप विकास आयुक्त ने संज्ञान लेकर मुखिया के परिवाद पत्र में वर्णित तथ्यों के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा स्थल निरीक्षण कराकर दिनांक 12-10-2022 को लगभग 15 दिन बाद दोषियों को चिन्हित करने या दोष निराधार की प्रक्रिया कर लिया गया है।अब देखना है कि आम जनता के साथ मुखिया को न्याय मिलता है कि जांच ब्यूरोक्रेट के खिलाफ आरोप सिद्ध होते हुए विभागीय कार्रवाई होती है। क्योंकि अनिल कुमार जो भारतीय प्रशासनिक सेवा से आए हैं,बहुत ही काबिल हैं एवं सुलझे हुए व्यक्ति हैं। ऐसे में इन्हें कोई बरगला नहीं सकता है तथा फर्जी व्यक्ति उनसे मिल भी नहीं सकता।

सर्व विदित है कि रामनगर मनरेगा भवन में हर उक्त पुराने कतिपय दलाल स्वच्छंद विचरण करते हुए  मिल जाएंगे। उन्ही के इशारे पर ब्यूरोक्रेट गाइड होते हैं,जिसमें विजिलेंस टीम द्वारा जांच का विषय है।

पुराने कुछ दलालों का मोह अभी भी जा नहीं रहा है। मनरेगा कर्मी पदाधिकारी अभी भी अपने सरकारी फोन नंबर या प्राइवेट नंबर से ही हमेशा उनसे बात करते रहते हैं। इस जांच की कड़ी में उनके नंबरों का कॉल डिटेल निकालना भी जरूरी है तभी दूध का दूध पानी का पानी होगा।

              योजना का नाम है- महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना परंतु यहां पंचायत में दलालों के या लोगों के नाम पर एक ही परिवार के अनेकों व्यक्ति का जॉबकार्ड बना हुआ है जो इसी कड़ी में जांच का विषय है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.