_ठाकुर रमेश शर्मा - रामनगर,प० चम्पारण (बिहार)_
_दिनांक:-15-10-2022_
बिहार राज्य के सरकारी कार्यालयों में पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत शौचालय का होना अति आवश्यक है।परन्तु बगहा-1 प्रखण्ड कार्यालय का शौचालय महीनों से बदहाल होकर बन्द पड़ा है।इतना ही नही यहाँ का चापाकल भी महीनों से खराब पड़ा है,जिसे पूछने वाला
कोई नहीं है।इस बगहा क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्र के हज़ारों लोग प्रतिदिन आते हैं।दिन भर अपने कार्यों में मसगूल रहते है। अगर शौच लग गया तो बोतल लेकर बाहर जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। बेचारी महिला कहाँ जाए ?
इस बाबत जब बगहा-1 के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी कुमार प्रशांत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि "मेरे पास इस बाबत कोई फ़ंड नही है,जिससे शौचालय का निर्माण कराऊँ"। अपनी सैलरी से कटाऊ क्या ?"अनेको बार कर चुका हूं अब नही कराऊंगा"। जिसे जहाँ जाना है ,शिकायत करे, जैसे मर्ज़ी न्यूज़ बनाए, हमारे सेहत पर कोई असर नहीं होगा। जबकी पूरा बगहा O.D.F(Open Defecation Free)(खुले में शौच मुक्त) घोषित करके बी०डी०ओ० साहब ने पूर्ण स्वच्छ्ता अभियान का कार्य पूर्ण हो चुका का इनाम पा चुके है।
अब तो जिलाधिकारी बेतिया कुंदन कुमार को संज्ञान लेना होगा तभी जनहित कल्याण होगा तथा शौचालय का मरम्मत होगा।क्योंकि बगहा B D O ऐसा बोलते हैं कि कहने के लिए तो बगहा,प०चम्पारण सहित पूरा बिहार पूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत O.D.F घोषित होकर जिलाधिकारी कुंदन कुमार इस कार्य के लिये पुरस्कार भी पा लिए है परन्तु बगहा B.D.O कुमार प्रशांत को महिलाओं के इस दशा पर दया नही आती है तथा अपने शौचालय में इंग्लिश टॉयलेट तथा उत्तम क्वालिटी का टाइल्स भी सरकरी ख़र्चे पर लगवा चुके है।



