_प०चंपारण, बिहार 20-08-2022_
बिहार सरकार जहां महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए तरह-तरह के प्रयास कर रही है वही चंद पुलिसकर्मियों की ढुलमुल रवैया के चलते महकमा बदनाम हो रहा है।
सशक्त एवं कर्तव्यनिष्ठ आरक्षी उप महानिरीक्षक प्रणव कुमार प्रवीण जी की निगाह जबतक मामले पर नहीं पड़ता तब तक ही अभियुक्त बच पाते हैं।
मामला बेतिया पुलिस जिला के भंगहा थाने की है।भंगहा थाना कांड संख्या 50/2022 04-08-2022, धारा-448, 354, 354(a),354(b), 504,506/34 दर्ज हो तो गया, परंतु पुलिस वाले अभियुक्तों को यह कह कर गिरफ्तार नहीं करते हैं कि पीड़िता हमें ओवरटेक करके उच्च अधिकारी के पास गई है तो वहीं पटना से आकर गिरफ्तार करेंगे।हालांकि अभियुक्त सुभाष चौधरी केस आई०ओ० के लगातार संपर्क में है। तथा थाना के आसपास किसी खास दलाल के माध्यम से घूम रहा है।मुख्य आरोपी को इतना बड़ा संरक्षण प्राप्त है।पीड़िता को प्रतिदिन केस उठाने के लिए दबाव बना रहा है,गाली-गलौज करते हुए मारपीट भी कर रहा है।
घटना के बाद से पुलिस वाले एक बार महज अभियुक्तों के घर पर जाकर जमानत शीघ्र करा लो नहीं तो हम कार्रवाई करेंगे कहकर चले आएं।
सबसे बड़ी बात यह है कि पीड़िता समित्री देवी के पति मजदूरी करने के लिए केरल गए हैं,इसलिए काफी भयभीत हैं पीड़ित परिवार को महज एस०डी०पी०ओ० नरकटियागंज कुंदन कुमार पर भरोसा है,यही जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुई है।
सर्वविदित है कि इस प्रकरण के मुख्य आरोपी सुभाष चौधरी पहले भी थाने के पुराने कर्मियों को झूठा आरोप लगाकर प्रताड़ित कर चुका है,परंतु लक्ष्मीनारायण में इतना दम है कि पुलिस पुरानी दर्द भूल जाती है। जब अभियुक्त पॉवरफुल लोगों को नहीं छोड़ते हैं, तो आम गरीब महिला क्या है?
अब तो उच्च अधिकारियों के निगाह पड़ने पर ही इस दर-दर भटकती महिला को इंसाफ मिलेगी।
