*विभागीय मिलीभगत से प्रतिदिन सरकार को हो रही है लाखों के राजस्व की हानि*
🖋️ *खनन व ओवरलोडिंग परिवहन के खेल में पुलिस विभाग के साथ साथ जनपद के सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं का भी है तस्करों के सर पर हाथ*
🖋️ *खाकी, खादी व खनन अधिकारियों के गठजोड़ से वर्तमान समय कुशीनगर में रेत का धंधा बना सफेद सोना*
*बिहार (पश्चिमी चंपारण) के मधुबनी से बालू लदे ट्रक, ट्रैक्टर ट्रालियों को कुशीनगर जिले के पडरौना, रामकोला, कप्तानगंज थाना क्षेत्र के विभिन्न रास्ते से होकर पुलिसकर्मियों व खनन विभाग के अधिकारियों द्वारा परतावल, महराजगंज होते हुए गोरखपुर तक पहुंचाया जाता है, जहां इसका मूल्य 5 से 10 गुना अधिक बढ़ जाता इसी वजह से पुलिस व खनन अधिकारी ने नियम कानून को दरकिनार कर ट्रक व ट्रालियों को चलने की अनुमति दे दी है, जो कि चर्चा का विषय बना हुआ है।*
*इंटरस्टेट लगने वाली रॉयल्टी व ओवर लोड के एवज में परिवहन अधिकारी, खनन अधिकारी व पुलिस विभाग वसूलते हैं मोटी रकम जिससे सरकार को राजस्व की हो रही है भारी क्षति*
*गुप्त सूत्रों के अनुसार जिले में अवैध खनन पर लगने वाले पुलिसिया चार्ज*
1- पुलिस चौकी - बांसी *300*
2 - थाना - कोतवाली पडरौना *1000*
3 - पुलिस चौकी - सुभाष चौक *100*
4 - पुलिस चौकी - मिश्रौली *100*
5 - थाना - रामकोला *600*
6 - थाना - कप्तानगंज *600*
इसके अतिरिक्त खनन व परिवहन अधिकारी का रेट अलग है :
1 - खनन अधिकारी मिनिमम *10000 अधिकतम *20 हजार*
2- प्रवर्तन अधिकारी ओवरलोड में मिनिमम *5000 व अधिकतम 25 हजार*