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*जनता, किसान, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के मेहनत और पसीनें की कमाई के द्वारा दिए टैक्स के पैसों का राज्य सरकार या केन्द्र सरकार नहीं कर रही सही उपयोग:- मुमताज़ अहमद नेशनल प्रोटोकॉल अधिकारी*


माननीय प्रधानमंत्री जी के 70वीं जन्म दिवस पर नेशनल कैबिनेट प्रोटोकॉल अधिकारी मुमताज़ अहमद ने साझा की दिल बात*
     
 *आज दिनांक 17 सितंबर 2020 को एक मन की बात में नेशनल कैबिनेट प्रोटोकॉल अधिकारी मुमताज़ अहमद ने कहा कि:-*

बिहार में ही नहीं पुरे देश के लोगों का तो गंगा जी से बहुत ही गहरा नाता-और संबंध है, गंगा जल से स्नान कर सिर्फ लोगों के आत्मा की शांति तो जरूर मिलेगी मगर लोगों को अपने परिवार को चलाने के लिए रोजगार और छोटे-मोटे लघु उद्योग एवं व्यापार की जरूरत है।

राज्य सरकार या केन्द्र सरकार जनता में धर्म का भ्रम फैला कर जनता के द्वारा दिए गए टैक्स के पैसों को यूं ही गंगा के नाम पर पानी में बहा रही है जिससे जन कल्याण में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। मानव संसाधन विकास हेतु इस पैसों से रोजगार के अवसर यानी उद्योग और व्यापार की आवश्यकताओं की जरूरत है न कि गंगा की सफाई जरूरी है।

गंगा जल की स्वच्छता में किया गया हजारों करोड़ रुपए का सीधा प्रभाव करोड़ों लोगों पर पड़ता है।

गंगा की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए ही बिहार में 6 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की 50 से ज्यादा परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, इस 6 हजार करोड़ रुपए से कई स्टील , सीमेंट , सस्ते और कम दामों की दवाइयों की मेन्युफेक्चरिंग कम्पनियां , हिरो, हुन्डा, मारुती, सुजुकी, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा, बज़ाज़ , टाटा बस इत्यादि की शाखाएं लगाई जा सकती हैं।

 साथ ही साथ असहाय और दिव्यांगजनों हेतु ट्रेवल्स की सुविधाओं के साथ-साथ और भी कई महत्वपूर्ण साधनाएं रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत लगाई जा सकती हैं।

          इस कार्य योजना का लाभ ये होगा कि हम समाज में हो रहे अपराध और भ्रष्टाचार के ग्राफ में  काफी गिरावट की उम्मीद कर सकते हैं।

क्योंकि बेरोजगारी अपराध की जननी यानि मां है और भ्रष्टाचार अपराध का पिता है।



मो. अजरुद्दीन अंसारी 
प्रदेश सचिव मीडिया सेल बिहार 
Ncc/ Hwo
संपादक 
फ़ास्ट न्यूज़ इंडिया लाइव 
Whatsapp no. 9971704590

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