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*विकास योजनाओं में किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं, समय पर पूरा करें कार्य : मुख्य सचिव*

_रमेश ठाकुर - पश्चिम चंपारण, बिहार_ 

_दिनांक:- 25-08-2026_


पटना। राज्य के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को विभिन्न विभागों की महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारियों को जनहित एवं विकास से जुड़ी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में सभी जिलाधिकारियों के साथ संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी भी शामिल हुए।

समीक्षा बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, सहकारिता सहित अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि विकास कार्यों तथा भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं की साप्ताहिक एवं मासिक स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।



*किसान रजिस्ट्री में तेजी लाने का निर्देश*


किसान रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य में कुल 86.36 लाख किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 53.54 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो लक्ष्य का करीब 62 प्रतिशत है। वैशाली और शेखपुरा जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।


वहीं सारण और जमुई में किसान रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। राज्य स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित आवेदनों का भी शीघ्र निपटारा करने को कहा गया।


*PM सूर्य घर योजना में तेजी के निर्देश*


ऊर्जा विभाग की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा में बताया गया कि राज्य में अब तक 1,22,656 आवेदन प्राप्त हुए हैं और सोलर इंस्टॉलेशन का कार्य जारी है। पटना जिला इंस्टॉलेशन के मामले में सबसे आगे है। जिले में 7,294 लाख रुपये की सब्सिडी भी प्रदान की गई है।


बैठक में बताया गया कि कुल 35,741 ऋण आवेदनों में से 58.8 प्रतिशत ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। मुख्य सचिव ने बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण आवेदनों के रिजेक्शन रेट को कम करने तथा रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना में तेजी लाने का निर्देश दिया।


*आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण पर जोर*


आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने जमीन की अनुपलब्धता एवं भूमि विवाद से जुड़े मामलों को तत्काल सुलझाने का निर्देश दिया। उन्होंने मनरेगा (वीबी-जी राम जी) तथा 15वें वित्त आयोग के संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से भवन निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने पर जोर दिया।


*2.59 करोड़ लोगों की हुई टीबी स्क्रीनिंग*


स्वास्थ्य विभाग के टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा में बताया गया कि राज्य में अब तक 2.59 करोड़ लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह निर्धारित 52 दिनों के लक्ष्य का 213 प्रतिशत है। सारण जिले में 400 प्रतिशत और सहरसा जिले में 386 प्रतिशत स्क्रीनिंग की गई है।


मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर टीबी मुक्त भारत समिति को सक्रिय रखने तथा निक्षय पोर्टल पर सभी जांच परिणामों की समय पर एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने फ्रंटलाइन स्क्रीनिंग बढ़ाने, शत-प्रतिशत अपफ्रंट न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (NAT) कराने तथा निक्षय पोषण योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान में तेजी लाने को कहा। अब तक 93,275 लाभार्थियों को इस योजना के तहत भुगतान किया जा चुका है।


*सहकारिता क्षेत्र में लंबित भूमि हस्तांतरण जल्द करने के निर्देश*


सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचनाओं, कोल्ड स्टोरेज एवं तरकारी आउटलेट्स के लिए लंबित तीन भूमि प्राप्तियों तथा प्याज भंडारण के लिए लंबित नौ भूमि प्राप्तियों की स्थिति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को इन भूमि मामलों का शीघ्र निपटारा कर आवश्यक भूमि हस्तांतरित करने का निर्देश दिया।


*211 नए डिग्री कॉलेजों के लिए भूमि आवंटन*


उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा में 7 निश्चय-3 के तहत 211 नए डिग्री कॉलेजों के स्थायी परिसरों के निर्माण की योजना पर चर्चा हुई। अब तक 68 कॉलेजों के लिए भूमि विवरणी प्राप्त हो चुकी है, जबकि 143 कॉलेजों के लिए भूमि विवरणी लंबित है।


मुख्य सचिव ने पूर्वी चंपारण, सीवान और पटना समेत संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम पांच एकड़, शहरी क्षेत्रों में 2.5 एकड़ तथा पटना शहरी क्षेत्र में दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने प्रखंड मुख्यालयों के नजदीक सरकारी अथवा गैरमजरूआ आम भूमि को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित करने का निर्देश दिया।


मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों से कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। योजनाओं की नियमित निगरानी और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए।

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