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*पुलिस मुख्यालय का बड़ा अभियान: महिला अपराध, मानव तस्करी और बाल संरक्षण पर विशेष फोकस*

_रमेश ठाकुर - पश्चिम चंपारण, बिहार_

_दिनांक:- 19-07-2026_


पटना,। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार राज्य में महिला सुरक्षा, मानव तस्करी, अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार तथा बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में विशेष अभियान चलाकर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। अभियान के तहत बड़ी संख्या में पीड़ितों को मुक्त कराया गया, आरोपितों की गिरफ्तारी हुई और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाई गई।


मानव तस्करी के विरुद्ध 1 से 14 जुलाई 2026 तक चलाए गए 'ऑपरेशन नया सवेरा 3.0' के दौरान कुल 52 प्राथमिकी दर्ज की गईं। अभियान में 157 पीड़ितों को मुक्त कराया गया, जिनमें 82 बालिकाएं और 75 महिलाएं शामिल हैं। वहीं 109 मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। जून माह में भी समस्तीपुर सहित विभिन्न जिलों में विशेष कार्रवाई कर 104 पीड़ितों को मुक्त कराया गया तथा 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया।


महिला सुरक्षा के क्षेत्र में जून 2026 में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से जुड़े 67 आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। अनुसंधान विभाग ने ऐसे 28 मामलों की समीक्षा की, जिनमें से 15 मामलों की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारियों से कराई गई। पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए गठित परामर्श प्रकोष्ठ के माध्यम से अब तक 8,883 मामलों का सफल निपटारा किया जा चुका है।


अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई तेज रही। वर्ष 2025 के 5,010 लंबित मामलों की संख्या घटकर जुलाई 2026 तक 4,799 रह गई। जून माह में विशेष अभियान चलाकर 74 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 15 मामलों की समीक्षा कर 12 मामलों की जांच डीएसपी स्तर से कराई गई। जाति सत्यापन से जुड़े 3 मामलों की रिपोर्ट भी सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी गई।


बच्चों की सुरक्षा को लेकर मिशन वात्सल्य पोर्टल पर 10,589 गुमशुदा बच्चों का सत्यापन किया गया। उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर 32 बच्चों का पता लगाया गया। राज्य के सभी 44 जिलों में विशेष किशोर पुलिस इकाइयों के माध्यम से 1,310 बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारियों को नामित किया गया है।


महिला छात्रावासों की सुरक्षा के लिए राज्य के 783 छात्रावासों का सत्यापन कराया गया। इनमें से 700 छात्रावासों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं, जबकि 281 छात्रावासों में बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली और 658 छात्रावासों में आगंतुक पंजी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।


इसके अलावा राज्य भर में महिला एवं बाल सुरक्षा, मानव तस्करी, जेंडर आधारित हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस मुख्यालय ने कहा कि अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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