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*बीमारी से जंग जीतकर लौटी ज्योति, कहा— ‘एपी पाठक हमारे लिए भगवान से कम नहीं’*

_रमेश ठाकुर, बगहा (प. चंपारण)_

_दिनांक:- 24-08-2025_


गरीब और असहाय परिवारों की सेवा को जीवन का संकल्प मानने वाले भारत सरकार के पूर्व वरिष्ठ नौकरशाह एवं बाबु धाम ट्रस्ट के संस्थापक एपी पाठक ने एक बार फिर समाजसेवा और मानवीय संवेदना का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।


कैलाशनगर, बगहा निवासी श्यामबिहारी राम की पुत्री ज्योति कुमारी (20 वर्ष) गंभीर किडनी रोग से पीड़ित थीं। उनकी नाजुक हालत की जानकारी मिलने पर खैरपोखरा निवासी जितेंद्र राम ने एपी पाठक से मदद की गुहार लगाई।


एपी पाठक ने तत्काल पहल करते हुए गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से सीधे संपर्क साधा और ज्योति का भर्ती करवाया। डायलिसिस सहित सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएँ उपलब्ध करवाई गईं। बाद में बेहतर इलाज की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने PGI लखनऊ के डायरेक्टर से भी बातचीत की और मरीज को वहाँ भर्ती कराकर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा दिलवाई।


इलाज के बाद अब ज्योति कुमारी लगभग स्वस्थ होकर घर लौट चुकी हैं। उनकी मुस्कान लौटने पर परिवार ने भावुक होकर कहा—

“आज हमारी बेटी की जिंदगी एपी पाठक जी की संवेदनशीलता और मदद से बच सकी है। हम उनका और बाबु धाम ट्रस्ट का आभार व्यक्त करते हैं।”


एपी पाठक ने कहा—

“समाज के हर जरूरतमंद तक मदद पहुँचाना ही बाबु धाम ट्रस्ट का उद्देश्य है। गरीबों और वंचितों की सेवा ही मेरे जीवन का संकल्प है।”


यह घटना एपी पाठक के उस जनसेवी व्यक्तित्व को रेखांकित करती है, जिसमें समाज के अंतिम पायदान तक राहत पहुँचाने की गहरी प्रतिबद्धता झलकती है। पिछले डेढ़ दशक से वे लगातार गरीबों और जरूरतमंदों की मदद में जुटे हुए हैं। अब तक उन्होंने हजारों मरीजों को दिल्ली AIIMS, पटना PMCH, IGIMS, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज और लखनऊ PGI जैसे बड़े अस्पतालों में इलाज दिलवाया है।


एपी पाठक ने आश्वासन दिया है कि गरीबों और असहायों की सेवा का यह सिलसिला आगे भी पूरी तत्परता के साथ जारी रहेगा।

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