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*अमरदीप बाल विकास फाउंडेशन,महाराष्ट्र से गुलाब सलाट को सम्मान*

_रमेश ठाकुर - रामनगर पश्चिम चंपारण, बिहार_

_दिनांक:- 26-09-2024_


जिन्दगी से हार ना माननेवाले और गरीबी का कहर टूटने के बाद और सालों की मेहनत के बाद गुलाब सलाट एक्शन एक्टर को ऐसे अनेक फिल्मी मिले है; अवार्ड इंडिया,ईकोन सन्मान महासोहला अवॉर्ड,अमरदीप बालविकास फाउंडेशन महाराष्ट्र लोक कल्याणकारी सेवा संस्था राज्यस्तरीय अमरदीप कतुॅत्व गौरव पुरस्कार तारीख 22/09/2004 न्यू मुम्बई वाशी गुलाब सलाट एक्शन ऐक्टर को मीला है।

अवार्ड जलाज बोलिवूड एकेडमी & Film मेकिंग स्टूडियो Film प्रोडक्शन हाउस अवार्ड मीली राष्ट्रीय एकात्मता परिषद टि.ऐम.जी. अनमोल कार्य गौरव पुरस्कार मीला भारत का सबसे पत्रकार संगठन इन्डिया फेडरेशन ओफ वर्किग जर्नलिस्ट भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ नई दिल्ली ऐमपी जबलपुर दीया गया है।

अवार्ड NATIONAL एचिवमेट मुंबई से मिला पुरस्कार दिल्ली बॉलीवुड सीने रिपोर्टर अवार्ड नागपुर गौरव महाराष्ट्र पुरस्कार मुंबई जनगौरव कार्य दर्पण पुरस्कार दीया गया वडोदरा सीने मीडिया अवार्ड वाइब्रेट गुजराती फिल्म अवार्ड से नवाजा है।गुलाब का जीवन परिचय गुलाब एक्शन एक्टर आनंद गुजरात की पैदाइश है गुलाब के माता पिता बहुत ही गरीब थे और उनका पूरा जीवन चारपाई के तंबू में गुजार दिया था लेकिन गुलाब के पिता तम्मा भाई सलाट एक हाथ मजदूरी कर कर अपने बेटे को एक अच्छे मुकाम तक पहुंचाने की कोशिश में थे और उसमें एक नाम था गुलाब सलाट का जो 8 वर्ष की उम्र से ही फिल्म बॉलीवुड का लगाव था कि मैं एक बार फिल्मों में काम करूंगा।



पापा को यह बोला था पापा ने वही बात को लेकर मेहनत करना चालू कर दिया रात दिन मजदूरी कर कर अपने बेटे को एक अकैडमी में जॉइनिंग करवा दिया।

 मार्शल आर्ट कराटे ऑल इंडिया वाडो काई कराटे डो एकेडमी इंडिया इंटरनेशनल मै करीबन 5 साल लगातार मेहनत करके अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कराटे मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट की डिग्री हासिल की और गुलाब अपने डांस की कड़ी मेहनत कर कर बाग बगीचों में प्रैक्टिस करते थे।

बिना मास्टर के जिमनास्टिक और डांस की ट्रेनिंग लेने गए हैदराबाद वहां से कड़ी मेहनत कर कर 1 साल के बाद डिग्री मिली पिता तम्मा भाई का देहांत हो गया,पिता के जाने के बाद हालात ऐसे थे आनंद रामनगर की स्कूल में पढ़ाई करने जाते थे मैत्री विद्यालय रामनगर हालात ऐसे थे आठवीं कक्षा तक पढ़ाई छोड़ना पड़ा 

घर में काफी परेशानियां बढ़ने लगी हर जगह जगह हर स्टेट में गए गुलाब और फिल्म प्रोड्यूसर डायरेक्टर से अपने काम के लिए गुजारिश की लेकिन नाकाम रहा अपने शहर वापस आए और फिर अपनी ट्रेनिंग करना चालू कर दिया अपने पापा का शहर का नाम रोशन करुंगा हिम्मत नहीं हारे किस्मत ऐसी जगी किस्मत सीरियल जय जय जग जननी दुर्गा मां जय बजरंगबली फिल्म में काम करने की शुरुआत सीरियल से हुई छोटी बड़ी 17 फिल्मों में काम मिला।

हिंदी गुजराती भोजपुरी  गुलाब रात दिन कम से कम 8 घंटा मेहनत और प्रैक्टिस लगातार कराटे मार्शल आर्ट जिमनास्टिक योगा बॉडी स्टंट ब्रेक डांस लाठी नानचाकू तलवार राइफल शूटिंग एवं फिल्मी एक्टिंग करते थे अपने फिल्म के गुलाब एक्शन एक्टर अपने पिता का नाम रोशन करने का सपना बहुत जल्द पूरा करूंगा।

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