_ठाकुर रमेश शर्मा_
_रामनगर,प०चंपारण,(बिहार)_
_11/05/2023_
बिहार राज्य जहां गरीबी व भुखमरी से जूझ कर सम्पूर्ण एशिया में पलायन कर रोजी-रोटी जुटाकर परिवार चलाने पर विवश है।वहीं दूसरी तरफ चंद भ्रष्ट, भ्रष्टाचारी पदाधिकारियों से सेटिंग गेटिंग कर कतिपय चरित्रहीन महिलाएं भोली भाली जनता को अपने जाल में फंसाकर नरकटियागंज श्रम प्रवर्तन कार्यालय के लेबर इंस्पेक्टर के जाल में फंसा कर करोड़ों रुपए ऐठ चुकी है।
कुछ महिला जो अनुसूचित जाति की हैं (हरिजन)। महिला उत्पीड़न का भय दिखाकर भयाक्रांत कर रही है। हालांकि यह षड्यंत्र लगभग 3 वर्षों से चल रहा है।जब से पदस्थापित लेबर इंस्पेक्टर विराजमान हैं यह धंधा खूब फल-फूल रहा है।नरकटियागंज अनुमंडल पदाधिकारी के नाक के नीचे वर्षों से हो रहा है। मुरली भरहवा के निवासी पति पत्नी यह धोखाधड़ी का धंधा एक साथ करते हैं। जब पैसा विभाग से साल भर बाद भी नहीं आता है तो पब्लिक मांग करती है रिश्वत के रूप में दिए गए लाखों रुपयों को। तब यही पति पत्नी दलित महिला उत्पीड़न तथा हरिजन एक्ट की धमकी देते हैं।
सारे सबूतों को छोड़ दिया जाए यदि उनके मोबाइल नंबर जिससे पति-पत्नी आम लोगों को फंसाते हैं उसका cdr यानी कॉल डिटेल निकाला जाए 4 माह का,तभी दूध का दूध पानी का पानी निकल सकता है।
यहां नरकटियागंज के लेबर इंस्पेक्टर के कंप्यूटर से ज्यादा ऑनलाइन होती है वसूली वाली रिश्वत के बल पर।
दूसरे प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी क्या इतने जागरूक नहीं है क्या?
पश्चिमी चंपारण के जिलाधिकारी महोदय शीघ्र संज्ञान लेकर इन दलालो के विरुद्ध भी एफ०आई० आर० लेबर कार्यालय के वर्कर संतोष कुमार के खिलाफ करना होगा, तथा इनका ट्रांसफर शीघ्र नहीं होता है।
मामला इन फर्जी महिलाओं के खिलाफ होकर लेबर इंस्पेक्टर सहित अनेको पर गाज गिरा कर भयंकर रूप धारण करने वाला है।
इन महिलाओं के ऊपर गौनाहा थाना में मामला लंबित है। अब तक लाखों गरीब लूटे जा चुके हैं जिम्मेदार कौन होगा?यह तो जांच का विषय है।
इतना ही नही इस दंपति के गांव गुप्त रूप से जाकर पुलिस जांच करे तो खुलके बहुत बड़ा जालसाजी का खुलासा होगा क्योंकि हजारों गरीब दंपति लुटे जा चुके है,क्योंकि इनसे कहा जाता है कि शिक्षित बेरोजगार मजदूरों को, कामगारों को सरकार के द्वारा ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन कराके रुपये मिलेंगे यही झांसा देकर फसाया जाता है ,बाद में उन गरीबो को ऑफिस का चक्कर लगवाया जाता है।हालांकि इस काम मे एक बड़ा गिरोह सक्रिय है जो बाद में झूठा मुकदमे में फ़साने की धमकी देकर भगा दिया जाता है।इस ठगी के मामले में मैनाटाड से हरनाटाड तमकुआताड़ से धुमाताड़ जसौली तक के लोगो को भरोसे में लेकर इस नरकटियागंज श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ऑफिस से ही ऑनलाइन किया जा चुका है।
क्या इस लेबर इस्पेक्टर के रूप में नरकटियागंज के पदाधिकारी की बहाली अकेले हुई है?क्या इतना बड़ा रैकेट यह चल रहा है नरकटियागंज में ,यहाँ के पुलिस पदाधिकारियों को भनक भी नही है आखिर क्यों? इस समय प्रशिक्षु dsp के रूप में बिहार प्रशासनिक सेवा के नए पदाधिकारी नियुक्त है जो बहुत ही योग्यता के साथ डियूटी कर रहे है।क्या उनके कानों तक या रामाश्रय यादव थानाध्यक्ष के कानों तक यह बात नही पहुंच पा रही है?जबकि कुंदन कुमार sdpo नरकटियागंज बहुत ही सीनियर अधिकारी माने जाते है ,उन्हें भी इस बात की भनक नही?
लोकल प्रशासन ने इस बात को संज्ञान में लेकर गुप्त रूप से जांच नही किया तो बहुत बड़ा जन आक्रोश भड़केगा उन दलालो के खिलाफ।क्योंकि ये दलाल हमेशा कहते है कि हमारे जाति के हमारे दूर के रिश्तेदार हैं, हमारा कोई कही कुछ भी बिगाड़ ही नही पायेगा।हमारी पहुंच पटना तक है।



