ठाकुर रमेश शर्मा_
_रामनगर पुलिस अनुमंडल सह_ _विधान सभा +नरकटियागंज पश्चिमी चंपारण (बिहार)_
_दिनांक -19 मई 2023_
बिहार में आजादी के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जंगल राज से मुक्ति के प्रशासनिक सुधार के स्तर पर आम आदमी के छोटे-बड़े समस्या के निदान के लिए लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लागू करके अनुमंडल जिला प्रमंडल एवं राज्य स्तर पर सुनवाई के लिए अरबों रुपए लगाकर एक अतिरिक्त विभाग को बना दिया गया। परंतु कार्यवाही के नाम पर आम गरीब का शोषण कोई भी कर्मी आम जनता से ठीक से बात भी नहीं करते हैं। अंचल आदेश प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा दूसरे ब्यूरोक्रेट तो यह समझते हैं कि हमारा क्या बिगड़ेगा? फांसी थोड़ी ना लग रही है जब पद प्राधिकार के तहत उपस्थित होने की बात होती है तो कार्य कार्यपालक पदाधिकारी या सहायक तो संबंधित विभाग से बोल देते
हैं चार तारीख दौड़ाकर प्रार्थी के खिलाफ आर्डर करा दो हम देख लेंगे। सबसे बड़ी बात तो नरकटियागंज का है यहां अधिकारी की पदस्थापना महज कागजों में है । बालेश्वर प्रसाद चले तो गए हैं परंतु अब तक यानी मई 2023 तक बोर्ड भी सुधार नहीं हुआ। पुराने अधिकारी का नंबर डिस्प्ले कर रहा है। अधिकारी का नाम सुधीर कुमार दिखा रहा था मोबाइल नंबर बालेश्वर प्रसाद का दिखा रहा है। इस बाबत नरकटियागंज वाले बोर्ड के अधिकारी से बात किया तो उन्होंने बात करने से तथा सुजीत कुमार का नंबर देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया तथा नरकटियागंज के कार्यालय कार्यपालक सहायक सहरसा मुख्तार से जब पूछा गया तो मेरे अनन्यय पंजीयन सं०501110123022305365
नरकटियागंज का शिकायतकर्ता । मुरुल उर्फ़ अमीरुल्लाह खां का आज का अपडेट क्या है? उस सहायक ने बताया कि आधिकारी बैठे या न बैठे आप मिया जी अपना अपील के लिए आर्डर जरूर ले जाए आखिर क्यों?
बिना अधिकारी जो बेतिया तथा नरकटियागंज के चार्ज प्रभार में सुजीत कुमार भला आर्डर क्या देंगे ,ऐसा भी होता है क्या ?
यानी " *चोर -चोर मौसेरा भाई "* वाली कहानी चरितार्थ होने वाली है । ऐसा C.O सिकटा कह रहे थें इस प्रकरण में ।
ठीक उसी प्रकार वर्षो से एक ही जगह पर जमे रामनगर अंचलाधिश - विनोद कुमार मिश्र भी हमेशा कहते हैं - क्या लोक शिकायत निवारण मेरा क्या उखाड़ लेगा ? मैं किसी भी मामले में अपने खिलाफ प्राधिकार के रूप में उपस्थित नही होता हुं। 18 मई को जहिर मिया डैनमरवा वाले प्रकरण में फर्जी रिपोर्ट सबमिट हुआ है। जिससे लीपा - पोती की रिपोर्ट को देखते हुए लोकसिकायत निवारण पदाधिकारी बगहा ने असंतोष जाहिर करके ईमानदारी का परिचय दे दिया है । उनके खिलाफ भी अतुल्य कुमार उर्फ़ झुन्ना पाण्डेय
ग्राम -तौलाहा रामनगर , डैनमरवा के जहिर मिया के मामले में जो वर्षों से नामृत है
वर्षों से लंबीत है महीनों से SDM के यहां भी लंबित है इस प्रकरण में तो महिला SDM को C.O रामनगर ने यह कहकर पीड़ित को भगा दिया था की क्या मुझे फांसी पर लटका देंगे D.M। मैं तो लोकायुक्त पटना को भी कुछ नहीं समझता हूं।यह हाल है पश्चिमी चंपारण के अठारह प्रखंड में पदस्थापित चंद ऊंचे रसुक वाले अंचलाधीशों का ।ये लोग यह भी कहते हैं की जब लोकशिकायत निवारण में जवाब देने के लिए प्राधिकार के प्रतिनिधि को बुलाया जाता है तो हम कुछ c.o जो ऊंचे रसुक वाले हैं अगर दूसरा कार्य होता है तभी अनुमंडल के प्राधिकार में उपस्थित होते हैं। इतना ही नहीं सबसे बड़ी बात तो रामनगर में अतिक्रमण मुक्ति अभियान का है
अंचलाधिस विनोद कुमार मिश्र इस अभियान के मजिस्ट्रेट हैं तो परिवार में किसी अन्य सदस्य के मृत्यु का बहाना दिखाकर इस अभियान को बीच में रोककर अपने घर चले गए तब तक दूसरे अतिक्रमणकारी अपनी कागजी खाना पूर्ति पूरी कर लेंगे।
अभियान पूरब से न पश्चिम से उत्तर से न दक्षिण से त्रिवेणी कनाल नहर के बगल में राजहंस से पहले बीच में कोट में लंबित मामले वाले भूमि पर नगर परिषद E O ऋषिकेश अवस्थी ने निहायती गरीब विकलांग प्रभु मिस्त्री पिता स्व ० तिलक साह की घर के दीवार के अगले हिस्से को तोड़ दिया तथा त्रिवेणी कनाल पूल के पास हनुमान मंदिर के आगे विश्वकर्मा मंदिर को तो तोड़ दिया परंतु डॉक्टर अज़ीम जो की वर्षो से कब्जा किए हुए हैं किसके संरक्षण में नही टूटा ऐसा बयान भाजपा के वरिष्ठ नेता मधुकर राय जो कार्यसमिति के सदस्य है उनके छोटे पुत्र अभिषेक राय ने अपने बयान में सभी पदाधिकारियों से पूछा है। अगर "अंधा बांटे रेवड़ी,अपने अपने को दे " वाली कहानी चरितार्थ हो रही है। रामनगर के समाज सेवी शेख औरंगजेब जो भगत सिंह स्मारक के संरक्षक हैं उन्होंने अपने बयान में पूछा है की पटना राजधानी के नेताओं को रामनगर से वोट नही मिलता है क्या ?जो रामनगर में टारगेट कर के लोगो का अतिक्रमण हटाया जाता है रामनगर नगर परिषद के उपसभा पति के प्रतिनिधि सुजल सिंह ने अपने संज्ञान में लेकर ये अलग - अलग छोड़ - छाड़ कर अतिक्रमण मुक्ति अभियान का विरोध करते हुए लोक शिकायत निवारण पटना में जाने का निर्णय लिया है । जिला लोकशिकायत निवारण कार्यालय का कार्य शैली अत्यंत खराब प्रदर्शन के साथ दिखाई दे रहा है।इस कार्यालय के विकाश कुमार बहुत ही मनमाने ढंग से आम लोगो को प्रताड़ित करते है जो गंभीर चिंता का विषय है।जिसमे शीघ्र सुधार की आवश्यकता है।



