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*नीतीश पहले आग बुझाते हैं,* *फिर इफ्तार पार्टी खाते हैं।* *और शराब पर प्रतिबंध लगाते हैं* *और रोक नही पाते है।*

_ठाकुर रमेश शर्मा_

_रामनगर विधान सभा_

_पश्चिमी चंपारण(बिहार)_ 

  _दिनांक - 05- 04 - 2023_

 

 रामनवमी के आस - पास  रामनवमी पर भड़के दंगे में जहा बिहार के  उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कह रहे है भारतीय जनता पार्टी करवा रही है ।नालंदा, सासाराम ,पश्चिम बंगाल के हुगली रेल खंड पर दंगाइयों ने पथराव किया ।

क्या वहां भी भाजपा वाले ही करवा रहे है?

पूर्वी मेदनीपुर पर ममता बनर्जी अपना भाषण दे चुकी हैं। हुगली जिले रिसणा क्षेत्र में पथराव कौन करवा रहा है?

क्या गृह मंत्री राज्य सरकार भाजपा की है ,क्या आगामी 2024 लोकसभा चुनाव के पहले बिहार बंगाल में राष्ट्रपति शासन की तैयारी तो नहीं? राष्ट्रपति चुनाव मे पहले कारण ढूंढा जाता है ।

आखिर क्यों दंगा भड़कने से पहले क्या सरकार को किसी सूचना तंत्र के माध्यम से सूचना क्यों नहीं हो जाता ? क्या इनका crime intelligence,तथा स्पेशल ब्रांच,CID kis तरह की ड्यूटी कर रही है? जब

मुख्यमंत्री ,गृहमंत्री आपका ,तो बिहार एवं बंगाल में असामाजिक तत्वो को आप गिरफ्तार  क्यों नहीं करते रिमांड पर लेकर पूछताछ करना क्या आपके अधिकार क्षेत्र में नही ? इतना ही नहीं लोग कहते हैं कि चुनाव से पहले और अभी से माहौल बनाया जा रहा है की  कोविड-19 के वायरस पुनः विस्तृत होने लगे हैं, क्या लॉकडाउन का अंदेशा है फिर से?

      सब मिलाकर दोषारोपण छोड़कर सभी राजनीतिक पार्टियों को जनहित में महज विकास के पथ पर कतार बद्ध होकर चलना चाहिए। प्रगति पार्टी को बिन मांगे वोट दिलवाती है।जहां सरकार वहां दुखी तथा जहां नहीं है वहां सदन में व्यवधान डालकर व्यवस्था तथा आम जनमानस को दुखी क्यों किया जा रहा है? भाजपा वाले भी कम नहीं है , डबल इंजन की सरकार की गीत तो प्रधान मंत्री और गृहमंत्री भारत वर्ष के हमेशा  TV screen par गाते नजर आ जाएंगे। जब  नीतीश कुमार साथ शासन में होते हैं तब उन्हें इफ्तार पार्टी पर व्यान की फुर्सत नहीं होती। 

 अब बात करे पूर्ण प्रतिबंधित शराब बंदी की क्या कानून में ऐसा प्रावधान नहीं है कि केंद्र सरकार पूरे भारत में मद्य निषेध के लिए संपूर्ण भारत स्तर पर CBI के तर्ज पर या एक्साइज के तौर पर एक फ्लाइंग स्क्वायड टीम बनाएं जो केंद्र के नियंत्रण में तथा बॉर्डर एरिया जैसे रक्सौल ,सीतामढ़ी,सोनौली , बॉर्डर दरभंगा , ठोरी बॉर्डर थाना पश्चिमी चंपारण साइड से जो उत्तर में नेपाल है। उसी एरिया में सिर्फ वही टीम कार्य करके गिरफ्तार करके लोकल पुलिस को हैंड ओवर कर दे तो बड़ी कामयाबी हो जाति जैसे S.S.B करती हैं। इस पर एक अध्यादेश पारित करना होगा तभी बिहार में जैसे कथित रूप से शराबबंदी करके सरकार अरबों रुपयों का आर्थिक क्षति करके भी पूर्ण रूप से रोक नहीं पा रही है। कारण क्या है? दोष किसका है? पीने वालों का या पिलाने वालों का?अभी रामनवमी के शुभ अवसर पर चैत्र नवरात्र के उपरांत सहोदरा थाना क्षेत्र में एक स्मॉल अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर मेला लगा था। प्रतिवर्ष के भाती यहां कमीशन(सेटिंग-गेटिंग)के बल पर ऐसा लग रहा था कि यहां शराब बंदी है ही नहीं। वर्दी में एक सहायक पुलिस और निरीक्षक चेक पोस्ट पर मेला के बाहर कुछ फौजी वर्दी धारियों के साथ वाहन मालिकों से तथा अवैध पार्किंग वालों से एक बुलेट बाइक पर घूमता हुआ देर रात तक नजर आया। यहां के स्थानीय लोगो के द्वारा हर वर्ष शारदीय नवरात्रि के बाद तथा चैत्र नवरात्रि के बाद पशु वध बकरे की बलि  होती है तथा भव्य मेले का आयोजन होता है। पड़ोसी देश नेपाल के 30% लोग आते हैं।



 70% में देश के अन्य जिलों से लोग आकर एक महीना तक मेले को गुलजार करके आकर्षण बढ़ाते हैं। परंतु पुलिस प्रशासन तथा चंद भ्रष्ट अर्धसैनिको के द्वारा शराब की बिक्री ,मांस ,मदिरा खूब चली ।क्योंकि यह एरिया जनजातीय क्षेत्र है। बेतिया पश्चिमी चंपारण की टीम अगर इमानदारी से छापा करे तो सालों भर सहोदरा तथा गौनाहा थाना क्षेत्र के गावों में लग जाएगा ।लौरिया शराब कांड के बाद विनोद कुमार लौरिया के S.H.O बनाए तो गए परंतु कोई खास रोकथाम नहीं हो सका ।अब वही विनोद कुमार गौनाहा थाना के थानेदार है परंतु मर्जदी मठ मंझरिया (पलिया) नीयर सेरहवा भुस्की में तो बिकना कभी बंद ही नहीं हुआ। बेलसंडी के  पास मंडीहा स्थित अगर थानेदार साहब को नहीं पता तो क्या करेंगे थानेदारी ? मेघवली चौक तथा आस - पास  प्रतिदिन रात में  पुलिस की गाड़ियां घूमती है। शराब तस्करों की बाइक,चार चक्का भी घूमती है। लगातार थानेदारी करके मालामाल होने वाले थानेदारो की स्थित उनके बच्चों की एजुकेशन स्तर देख के लगाया जा सकता है। इतने छोटे पदों पर रहने वाले थानेदार अगर थोड़ी  इच्छाशक्ति पैदा कर ले तो शराब बंदी कामयाब हो जाएगी ।सरकार चाहे महागठबंधन की रही या भाजपा गठबंधन कि शराब हमेशा अपना रूप कहीं भी चौक के आसपास शराबबंदी की पोल खोलते नजर आ रही है।    

   अब तो पश्चिमी चंपारण में DIG के रूप में आ गए हैं जयंत ,बहुत जल्दी हीं होने वाला है अपराधियों का अंत।

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