(मामला सड़क दुर्घटना का!)*
_ठाकुर रमेश शर्मा-रामनगर,प०चम्पारण(बिहार)_
_दिनांक:-18-10-2022_
17 अक्टूबर यानी कल,दिन- सोमवार की संध्या में धोकराहाँ वार्ड नंबर 9 पंचायत-धोकराहाँ थाना-रामनगर प्रखंड अंचल पुलिस अनुमंडल रामनगर (बगहा पुलिस जिला) जिला पश्चिमी चंपारण पिन कोड-845106 (बिहार) निवासी मशहूर कारपेंटर मिस्त्री कृष्णा शर्मा के अनुज दुर्भाग्यशाली सिंहासन शर्मा जिन्हें अति तीव्र गति से दौड़ने वाले अज्ञात वाहन चालक ने अपने पागलपन का शिकार बना कर ठोकर मारकर हत्या कर दिया।
यह घटना समाजसेवी अशोक राम जो मील बहुअरी में निवास करते हैं, धोकराहाँ के पश्चिम में रामनगर-नरकटियागंज मुख्य मार्ग पर उनके ही पेट्रोल पंप के निकट यह हादसा हुआ है।
चालक या तो बहुत बहुत बड़ा नशेड़ी था या पागल था, जिसे किसी वाहन मालिक ने अपना वाहन चलाने के लिए नियुक्त किया है। या यह भी हो सकता है कि सिंहासन शर्मा गृह रक्षा वाहिनी के जवान हैं, विभागीय दुश्मनी ड्यूटी के दौरान होती है। किसी अपराधी ने षड्यंत्र के तहत इस घटना को अंजाम दिया है।
मैं ठाकुर रमेश शर्मा पत्रकार (मानवाधिकार एवं अपराध रिपोर्टर)अपने इस न्यूज़ के माध्यम से पूछना चाहता हूं कि घटनास्थल से धोकराहाँ रेलवे क्रॉसिंग गेट नंबर 26(B) तथा चौरसिया पेट्रोल पंप की दूरी इतनी है कि सिंहासन शर्मा (होमगार्ड) जवान की क्षतविक्षित शरीर के अंगों को पुलिस को इकट्ठा करना पड़ा। आखिर किस परिस्थिति में उस अज्ञात चालक ने अपने वाहन की गति इतनी कर रखी थी? क्या प्रतिदिन की भांति धोकराहाँ ढाला के उस पार पुलिस गश्ती दल (चेकिंग) वाले नहीं थे?
17-10-2022 को प्रतिदिन की भांति किसका कमान पत्र वाहन जाँच वहां का था। क्या अशोक राम के पंप,चौरसिया के पंप,स्व० कृष्णमुरारी के फुलवारी के पूरब नगर पंचायत के बोर्ड के पास, हौंडा शोरूम के पास, अंजनी लाल जी के पंप के पास,किशोरी के फुलवारी के पास,अंबेडकर चौक के पास इतने जो C.C.T.V कैमरे लगे हैं,किसी में भी लगभग 6:30pm संध्या के बाद 7:30pm बजे तक के रिकॉर्ड में इस रोड से गुजरने वाले वाहन की पहचान अगर नहीं होती है तो उस शहीद जवान सिंहासन शर्मा के परिवार को न्याय भी नही मिलेगा तथा अगर उस होम गार्ड के जवान को थोड़ी भी आभास हो जाती कि मैं ड्यूटी स्थल से आकर घर के निकट ही किसी सिरफिरे वाहन के षड्यंत्र हत्या का शिकार हो जाऊंगा, तो सोमवार की शाम घर नहीं आते। ड्यूटी पर ही रह जाते।
क्योंकि अगर ड्यूटी पर मरते तो शहीद कहलाते,घर के निकट षड्यंत्र के शिकार हुए हैं तो यातायात दुर्घटना वाहन की चपेट में आने से मौत मानकर अंग्रेजों की षड्यंत्रकारी धारा जो जमानतीय धारा (बेलेबल) है उसका शिकार नहीं होते।
आज़ाद भारत के कानून विधो यानी विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका के महान जानकारों- आपको मैं अपनी छोटी सी जानकारी से आगाह करना चाहता हूं कि- हिंदुस्तान जो अज्ञात है-अंग्रेज जब इंडिया में आए थे, तब अपने साथ मोटरकार,चेन वाला ट्रैक्टर लेकर आए थे। उन दिनों यानि आजादी के पहले हमारे पूर्वज इन वाहनों को हवा गाड़ी के नाम से उच्चारण करते थे। हम जब आजाद भारत के लोग हैं,तो उन अंग्रेजों के बनाए सुविधा कानून के चक्की में क्यों पीछे जा रहे हैं ?
क्योंकि हमारे संविधान के किताब में आजादी के 75-76 साल बाद अगर कहीं कानूनविदो को संशोधन की आवश्यकता महसूस होती है तब Aveddment होती रहती है। अजीजो,हमारी इस आजाद भारत में अभी भी उस सड़क दुर्घटना कानून में शीघ्र संशोधन कर दुर्घटना षड्यंत्र को हत्या का नाम देने की जरूरत है।ऐसे हजारों मिसालें मिल जाएगी। क्योंकि अंग्रेजों ने वाहन दुर्घटना एवं पत्नी छोड़ने कों बेलेबल धारा का रूप इसलिए दिया था क्योंकि वाहन उनके पास था और पत्नी वो छोड़कर वो इंडिया में आते थे।इसलिए इन दोनों धाराओं में अपराध करते थे और दोनों अपराध करके इंडिया में अंग्रेज शेर की तरह घूमते थे।
इसमें शीघ्र संशोधन होना जनहित में जरूरी है,नहीं तो लाखों लोगों की हत्या इसी षड्यंत्र के तहत होती रहेगी,जिस प्रकार 17-10-2022 को संध्या में सिंहासन शर्मा का हत्या हुआ है। इस घटनाक्रम की सूक्ष्म बिंदुओं को ध्यान में रखकर अनुसंधान करनी होगी तभी सिंघासन को वहन दुर्घटना रूपी अपराध जो जमानतिय है जिसका इस भारतवर्ष में वाहन मालिक उठा लेते है।तभी किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगी तथा धोकराहाँ निवासी सिंघासन शर्मा (होम गार्ड) जवान के आश्रितों को न्याय मिलेगी। इस प्रकरण मे होम गार्ड के D.I.G छ्ज्जू बाग़ पटना कार्यालय को भी तथा होम गार्ड के यूनियन को संज्ञान लेना होगा तभी सिंघासन शर्मा एवं उनके आश्रितों को सीघ्र न्याय मिल पायेगा।


