_रमेश ठाकुर रामनगर प०चंपारण (बिहार) 07/09/2022_
बिहार विकास मिशन पटना के द्वारा संचालित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र प०चंपारण (बेतिया) के कर्मी पिछले सात सात दिन से काला पट्टी बांधकर डी०आर०सी०सी० कार्यलय में कार्य कर रहे है।इनका सुधी लेने वाला कोई नही है।
विभाग दोनों कान में तेल डालकर यह सोच रहा है कि हमारा काम किसी तरह मजे में संचालित हो ही रहा है।
बिहार विकास मिशन, पटना के द्वारा मांग को पूरा नहीं करने के विरोध में राज्य के सभी जिलों में स्थित "जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र" के कर्मी काला पट्टी लगाकर लगातार 7 दिन से कार्यालय में अपने दैनिक कार्यों का निर्वहन करते हुए विरोध जता रहे हैं। डीआरसीसी बेतिया के जिला अध्यक्ष गौरव कुमार ने कहा की बिहार राज्य सिंगल विंडो ऑपरेटर/मल्टीपरपस असिस्टेंट संघ के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर एक सितम्बर से आंशिक विरोध शुरू किया गया हैं, परंतु अब तक विभाग के द्वारा किसी तरह की कोई सूचना नहीं दी गई है। इसके पश्चात भी बिहार विकास मिशन तथा बिहार सरकार हमारी मांगों को नहीं सुनती है तो सभी कर्मियों के सहयोग से हड़ताल किया जायेगा।
उनकी मुख्य मांग सभी SWO/MPA पर लागू करने हेतु अनुशंसित चौधरी कमेटी जो फरवरी 2021 से ही स्वीकृत है जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है, उसे अविलम्ब पूर्ण रूप से लागू किया जाए। गौरव कुमार 2 ने कहा कि महंगाई के अनुसार मानदेय में कम से कम ₹10000 की बढ़ोतरी की जाए ताकि हम सब अपने परिवार का गुजर-बसर आसानी से कर सकें। अन्य कर्मी सुरेंद्र कुमार तांती ने कहा कि हमारा स्थानांतरण गृह जिला से लगभग 300 से 500 किलोमीटर दूर किया गया है। मेरा ही स्थानांतरण लगभग 450 किलोमीटर दूर मधेपुरा से बेतिया कर दिया गया है। जिसे गृह जिला के आसपास के जिलों में स्थानांतरण किया जाए। वित्त निगम के कर्मी कुमार गौरव ने कहा की आकस्मिक अवकाश 22 दिन कार्य करने के पश्चात एक अवकाश लेने का प्रावधान हैं जिसे बदल कर सामान्य विभागों में मिलने वाली अवकाश की तरह किया जाए।
जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र में रोबिन्स कुमार, संतोष कुमार, शमशेर आलम, उमेश कुमार, प्रियांशु कुमारी, वीरेंद्र कुमार, दिलीप कुमार,रत्नेश कुमार सिंह, हंसराज ,जफर जहीर, सहित सभी कर्मी काला पट्टी बांधकर कार्यालय में कार्य करते हुए विरोध जता रहे हैं।
अगर इसके उपरांत भी इनकी मांगो को बिहार विकास मिशन तथा बिहार सरकार पूर्ण नही करती है तो सभी कर्मी सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।हालांकि पूर्व में इनके संगठन के वरिष्ठ लोग इन कर्मियों के समर्थन में बिहार विकास मिशन के महाप्रबंधक व प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक मिथिलेश कुमार मिश्र से मुलाक़ात करते हुए विभाग के इन प्रताड़ित कर्मियों के समस्याओ से अवगत कराया।
मिथिलेश कुमार मिश्र ने अपने बयान में बताया था कि चौधरी कमेटी के कहने पर आप ही लोगो का फ़ाइल हम बढ़ा रहे है।तथा उन्होंने ये भी कहा कि हम समझ नही पा रहे है कि आपलोग के काम मे क्यों देरी हो रही है।B.B.M के सदस्य सचिव डॉ० सिद्धार्थ जो बिहार विकास मिशन के प्रभारी है।उन्ही के मुख्य से उदासीनता के कारण इन छोटे कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है।जबकि इन्ही कर्मियों के द्वारा बिहार तथा भारत के अनेको संस्थान में पढ़ने वाले बच्चों का राशि लोन के रूप में दिया जाता है।तथा उस राशि से उन बच्चों का भविष्य संवरता है।
इन कर्मियों के अपने बच्चों का भविष्य इन दिनों खतरे में है।जिसपर विभाग तथा बिहार के मुख्यमंत्री को ध्यान देकर समाधान करना होगा तभी इन्हें समस्या से निजात होगी।

