(विशेष संवाददाता)बेतिया-प०चम्पारण।
दिनांक:-15-09-2022
सहोदरा थाना क्षेत्र के जमुनिया पंचायत अंतर्गत देवाड़ गांव के वार्ड नं० 11 में चोरों ने इन दिनों आतंक मचा रखा है। एक के बाद दूसरी घटना लगातार घट रही है। लोग दबे जुबान से पुलिस निष्क्रियता पर उंगली उठाते हुए तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।
घटना विगत 27 जुलाई 2022 की है। जमुनिया पंचायत जो गौनाहा प्रखंड में है,उसी क्षेत्र के देवाड़ गांव के वार्ड नं० 11 निवासी नाजीर हुसैन-पिता मनान मियाँ जो 26-07-2022 को ससुराल चले गए थे। परिवार के दूसरे सदस्य घर नहीं रहने के कारण यह घटना हुई है। हालांकि इस घटना के संदर्भ में पीड़ित का कहना है कि मेरे घर के बगल में सहोदरा मंदिर के पीछे सामुदायिक भवन है,जिसमें पुलिस वालों का बहुत बड़ा दल है। इसलिए हम लोग काफी निश्चिंत रहते हैं।फिर भी पुलिस के नाक के नीचे यह घटना घटी है।
इस घटना के बाबत मामले के अनुसंधान पदाधिकारी नगीना उरांव काफी निष्क्रिय हैं। उन्हें इस केस के उदभेदन से कुछ फायदा नजर नहीं आ रहा है। यह मामला सहोदरा थाना केस नं० 101/2022 है जिसमे धारा 457-380 दिनांक 02-08-2022 में अज्ञात अभ्युक्तों पर F.I.R दर्ज करके पुलिसिया खानापूर्ति कर दिया गया है।
हालांकि थानाध्यक्ष संजीव कुमार उल्टा पीड़ित को कह रहे हैं कि तुम जमुनिया ग्रामीण बैंक से मुद्रा लोन लिया है, उसे हजम करने के लिए यह षड्यंत्र दिखा रहे हो। पीड़ित नाजीर का कहना है कि बैंक मैनेजर बिंदा प्रसाद तत्कालीन प्रबंधक के द्वारा यह कर्ज दिया गया था। सर्व विदित है कि देवाड़ निवासी नाजीर के यहा जो चोरी हुई थी,उसके आलोक में जो आवेदन थाने को दिया गया था
उसमें मुख्य रूप से घर में से चोरो ने 55 हजार नगद, एक सेट सोने की बाली,सोने का नथिया,सोने का मंगलसूत्र,चांदी का 3 सेट पायल,4 पीस सोने का टॉप और यहां तक बच्चे के हाथ में पहनने वाला एक सेट माठा।
घर से सटे दुकान के काउंटर में रखे 25 हजार रुपया भी चोरो ने चुरा लिया। यानी जब घर और और दुकान एक जैसा है तो पीड़ित जब 26-07-2022 को ससुराल जा रहा था, इसलिए 55 हजार कैश भी घर मे रख दिया ।
और लोगो के तुलना में क्या पीड़ित गरीब के लिए यह मोटी रकम नही है ? जो उसे ससुराल ले जाता क्या ? जो केस आई०ओ० कह रहे है शायद चोरी हुई ही नही है।
अभी चंद दिनों पहले उसी गाँव के उसी वार्ड का एक परिवार दिल्ली(बाहर) रहकर मजदूरी करता है। उसके घर मे भी चोरी हुई है। जो पुलिस के झंझट में पड़ने के डर से ज्यादा जोर नही दे रहा है, परंतु थानेदार साहब को यह पता नहीं है कि जितनी मुंह उतनी बातें पुलिस की निष्क्रियता पर हो रही है। पूरे बिहार में शराबबंदी है,परंतु सहोदरा थाना क्षेत्र में शाम होने पर लगता ही नहीं की यहां शराबबंदी है। तो उच्च अधिकारियों को ही संज्ञान लेना होगा तभी आम गरीब के साथ न्याय होगा।
