ये बेतिया एसपी निताशा गुड़िया है ये 2008 बैच की IPS है, ईमानदार और कड़क मिजाज की ये एसपी बेतिया में ऐसे मामला को पर्दाफास किया है जिसका इंतजार पूरा शहर पूरा जिला पिछले आठ दिन से कर रहा था बेतिया के इतिहास में ऐसी घटना पहली बार घटी है जिसका पर्दाफास निताशा गुड़िया ने की है।
खालिद जिंदा है...मृत खालिद को IPS निताशा गुड़िया ने किया जिंदा...।
-----एक घटना घटती है----
22 अगस्त 2020 की रात को इंडस्ट्रीयल एरिया लालूनगर में एक अधकटा सर मिला था 23 अगस्त की सुबह इंडस्ट्रीयल एरिया में तीन टुकड़ो में क्षत विक्षत बोरा में कसा शव मिला था, शव की शिनाख्त अख्तर हुसैन ने की और टुकड़े टुकड़े शव को अपने पुत्र खालिद हुसैन का बताया और शहर के नामचीन व्यवसाई रोहित सिकारिया और उनकी पत्नी नप सभापति गरिमा सिकारिया पर हत्या का आरोप लगा प्रथमिकी दर्ज कराई।
इस जघन्य हत्याकांड को ले खालिद हुसैन और उसके परिवार वालो के साथ एक बड़ी भीड़ शहर की सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश में लगी थी शहर में अमन चैन खतरे में था भाईचारा खतरे में था
----- पुलिस की कठिन परीक्षा पास हुईं आईपीएस निताशा गुड़िया-----
पुलिस के लिए चुनौती थी कि ऐसी स्थिति में क्या करें और क्या नहीं करें...!
बेतिया पुलिस कप्तान निताशा गुड़िया ने कमान संभाली और फिर क्या था....??
एक तरफ वो भीड़ थी जिसकी शिकायत थी कि हत्यारोपी रोहित सिकरिया और उसके पत्नी गरिमा सिकरिया को गिरफ्तार किया जाय.....!
एक तरफ वो सिकरिया परिवार था जो निर्दोष था उसे भी पुलिस को बचाना था..।
शहर में शांति व्यवस्था कायम रहे इस पर भी बेतिया पुलिस को देखना था...!
लेकिन तेज तर्रार IPS निताशा गुड़िया मामले को समझ चुकी थीं...!!!
----- बेतिया एसपी निताशा------
गुड़िया ने मामले की तह में जाकर सबसे पहले खालिद को दिल्ली से गिरफ्तार किया फिर मामले का उद्भेदन किया, खालिद और उसके साथी उसके परिवार वालो ने ही किसी अन्य की हत्या कर शव को क्षत विक्षत कर यत्र तत्र बिखेर दिया गया,हत्या के बाद खालिद दिल्ली फरार हो गया जिसकी जानकारी बेतिया एसपी को एक महिला ने दे दी थी, खालिद का परिवार एक साजिश के तहत सिकरिया परिवार को फसाने जेल भेजवाने और शहर में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की पूरी कोशिश कर रहा था.....। लेकिन बेतिया एसपी निताशा गुड़िया ने मृत खालिद को जिंदा गिरफ्तार कर सबके सामने खड़ा कर दिया और पुलिस की ऐसी उपलब्धि कभी कभी ही देखने को मिलती है...!
इस महिला सिंघम आईपीएस ने ऐसा कर दिखाया है जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है, ऐसी घटना बेतिया के इतिहास में पहली बार घटित हुई है और एसपी निताशा गुड़िया ने पर्दाफास कर दिया है।
इस बाबत राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने कहा कि ऐसे दिलेर और जांबाज पुलिस अधिकारी पुलिस महकमें में कुछ और एस.पी. निताशा गुड़िया के तरह सोच रखने वाले और तेज तर्रार दो-चार हो जाएं तो अपराध और भ्रष्टाचार के जड़ से खत्म कर अपराध मुक्त समाज बनाना आसान हो जाएगा।
आगे बताते चलें कि राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने कहा कि नेशनल कैबिनेट से एस. पी. निताशा गुड़िया को इस सराहनीय कार्य हेतु संगठन के तरफ़ से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय मुख्य सचिव माननीय श्री रंजीत सिंह वर्मा से वार्ता कर प्रसश्ति सम्मान प्रमाण-पत्र निर्गत करने का आग्रह करेंगे।
खालिद जिंदा है...मृत खालिद को IPS निताशा गुड़िया ने किया जिंदा...।
-----एक घटना घटती है----
22 अगस्त 2020 की रात को इंडस्ट्रीयल एरिया लालूनगर में एक अधकटा सर मिला था 23 अगस्त की सुबह इंडस्ट्रीयल एरिया में तीन टुकड़ो में क्षत विक्षत बोरा में कसा शव मिला था, शव की शिनाख्त अख्तर हुसैन ने की और टुकड़े टुकड़े शव को अपने पुत्र खालिद हुसैन का बताया और शहर के नामचीन व्यवसाई रोहित सिकारिया और उनकी पत्नी नप सभापति गरिमा सिकारिया पर हत्या का आरोप लगा प्रथमिकी दर्ज कराई।
इस जघन्य हत्याकांड को ले खालिद हुसैन और उसके परिवार वालो के साथ एक बड़ी भीड़ शहर की सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश में लगी थी शहर में अमन चैन खतरे में था भाईचारा खतरे में था
----- पुलिस की कठिन परीक्षा पास हुईं आईपीएस निताशा गुड़िया-----
पुलिस के लिए चुनौती थी कि ऐसी स्थिति में क्या करें और क्या नहीं करें...!
बेतिया पुलिस कप्तान निताशा गुड़िया ने कमान संभाली और फिर क्या था....??
एक तरफ वो भीड़ थी जिसकी शिकायत थी कि हत्यारोपी रोहित सिकरिया और उसके पत्नी गरिमा सिकरिया को गिरफ्तार किया जाय.....!
एक तरफ वो सिकरिया परिवार था जो निर्दोष था उसे भी पुलिस को बचाना था..।
शहर में शांति व्यवस्था कायम रहे इस पर भी बेतिया पुलिस को देखना था...!
लेकिन तेज तर्रार IPS निताशा गुड़िया मामले को समझ चुकी थीं...!!!
----- बेतिया एसपी निताशा------
गुड़िया ने मामले की तह में जाकर सबसे पहले खालिद को दिल्ली से गिरफ्तार किया फिर मामले का उद्भेदन किया, खालिद और उसके साथी उसके परिवार वालो ने ही किसी अन्य की हत्या कर शव को क्षत विक्षत कर यत्र तत्र बिखेर दिया गया,हत्या के बाद खालिद दिल्ली फरार हो गया जिसकी जानकारी बेतिया एसपी को एक महिला ने दे दी थी, खालिद का परिवार एक साजिश के तहत सिकरिया परिवार को फसाने जेल भेजवाने और शहर में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की पूरी कोशिश कर रहा था.....। लेकिन बेतिया एसपी निताशा गुड़िया ने मृत खालिद को जिंदा गिरफ्तार कर सबके सामने खड़ा कर दिया और पुलिस की ऐसी उपलब्धि कभी कभी ही देखने को मिलती है...!
इस महिला सिंघम आईपीएस ने ऐसा कर दिखाया है जिसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है, ऐसी घटना बेतिया के इतिहास में पहली बार घटित हुई है और एसपी निताशा गुड़िया ने पर्दाफास कर दिया है।
इस बाबत राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने कहा कि ऐसे दिलेर और जांबाज पुलिस अधिकारी पुलिस महकमें में कुछ और एस.पी. निताशा गुड़िया के तरह सोच रखने वाले और तेज तर्रार दो-चार हो जाएं तो अपराध और भ्रष्टाचार के जड़ से खत्म कर अपराध मुक्त समाज बनाना आसान हो जाएगा।
आगे बताते चलें कि राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने कहा कि नेशनल कैबिनेट से एस. पी. निताशा गुड़िया को इस सराहनीय कार्य हेतु संगठन के तरफ़ से सम्मानित करने के लिए राष्ट्रीय मुख्य सचिव माननीय श्री रंजीत सिंह वर्मा से वार्ता कर प्रसश्ति सम्मान प्रमाण-पत्र निर्गत करने का आग्रह करेंगे।
मो. अजरुद्दीन अंसारी
प्रदेश सचिव मीडिया सेल बिहार
Ncc/ Hwo
संपादक
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