आज दिनांक 01 सितंबर 2020 को राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जन कल्याण संगठन के प्रदेश मिडिया प्रभारी अजय कुमार यादव के साथ राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने जन सम्पर्क के दौरान कहा कि हमें भ्रष्टाचार नियंत्रण हेतु बैठक समीक्षा करने के अलावा और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभानें होंगे।
आगे बताते चलें कि 2020 की अक्टूबर महीने में होने वाले चुनाव के मद्देनजर राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी देते हुए कहा कि हमें न केवल अपराध और भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए लड़ना है बल्कि चुनावों में भी प्रतिनिधियों और मतदाताओं पर निगरानी करना अनिवार्य है।
इस बाबत संगठन सचिव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रत्यासियों द्वारा असंवैधानिक व्यवस्था के आधार पर अगर मतदाताओं को लुभाने या वोट खरीदने में संलिप्ता पाये जाने पर अपराध की श्रेणी में रखते हुए कठोर सज़ा और किसी मतदाता को किसी प्रत्यासी से वोट देनें हेतु पैसे लेने सम्बंधित साक्ष्य मिलने पर कठोर कार्रवाई करते हुए उक्त मतदाता को राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी सरकारी सुविधाओं को रद्द करने के प्रावधान या नया कानून बनाने पर विचार करने हेतु बहुत जल्द राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने कहा कि जल्द ही एक आपातकालीन समीक्षात्मक बैठक इस कार्ययोजना हेतु की जाएगी, जिसमें प्रदेश स्तरीय पदाधिकारीयों के साथ-साथ प्रदेश सचिव सह कार्यकारी अध्यक्ष श्री दीपक कुमार श्रीवास्तव, प्रदेश मिडिया प्रभारी अजय कुमार यादव, प्रदेश सचिव ( चिकित्सा प्रकोष्ठ ) डा. मोहम्मद एकराम, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल सिंह, प्रदेश युवा सचिव चन्दन सिंह और राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुफियान कैशर, आशिश कुमार गुप्ता, चंद्रगुप्त चौहान एवं सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
इस बाबत राज्य संगठन सचिव ने कहा कि हमारे संगठन के कुछ संवैधानिक अधिकार और नियम कानून बनाए गए हैं, अक्सर देखा जा रहा है कि कई लोग संगठन में अपने निजी स्वार्थ को पुरा करने हेतु नियुक्ति करा लेते हैं और जब बैठक समीक्षा आहुत की जाती है तो आना तो दुर....!
नहीं आने कारण बताना या फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझते, और बैठक में शामिल भी नहीं होते हैं।
ऐसे पदाधिकारियों से अपील है कि राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जन कल्याण संगठन परिवार का हिस्सा ना बनें, हमारे संगठन को Quantity ( मात्रा ) नहीं बल्कि Quality ( गुणवत्ता ) चाहिए।
आगे बताते चलें कि 2020 की अक्टूबर महीने में होने वाले चुनाव के मद्देनजर राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी देते हुए कहा कि हमें न केवल अपराध और भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए लड़ना है बल्कि चुनावों में भी प्रतिनिधियों और मतदाताओं पर निगरानी करना अनिवार्य है।
इस बाबत संगठन सचिव ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रत्यासियों द्वारा असंवैधानिक व्यवस्था के आधार पर अगर मतदाताओं को लुभाने या वोट खरीदने में संलिप्ता पाये जाने पर अपराध की श्रेणी में रखते हुए कठोर सज़ा और किसी मतदाता को किसी प्रत्यासी से वोट देनें हेतु पैसे लेने सम्बंधित साक्ष्य मिलने पर कठोर कार्रवाई करते हुए उक्त मतदाता को राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले सभी सरकारी सुविधाओं को रद्द करने के प्रावधान या नया कानून बनाने पर विचार करने हेतु बहुत जल्द राज्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
राज्य संगठन सचिव मुमताज़ अहमद ने कहा कि जल्द ही एक आपातकालीन समीक्षात्मक बैठक इस कार्ययोजना हेतु की जाएगी, जिसमें प्रदेश स्तरीय पदाधिकारीयों के साथ-साथ प्रदेश सचिव सह कार्यकारी अध्यक्ष श्री दीपक कुमार श्रीवास्तव, प्रदेश मिडिया प्रभारी अजय कुमार यादव, प्रदेश सचिव ( चिकित्सा प्रकोष्ठ ) डा. मोहम्मद एकराम, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल सिंह, प्रदेश युवा सचिव चन्दन सिंह और राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुफियान कैशर, आशिश कुमार गुप्ता, चंद्रगुप्त चौहान एवं सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
इस बाबत राज्य संगठन सचिव ने कहा कि हमारे संगठन के कुछ संवैधानिक अधिकार और नियम कानून बनाए गए हैं, अक्सर देखा जा रहा है कि कई लोग संगठन में अपने निजी स्वार्थ को पुरा करने हेतु नियुक्ति करा लेते हैं और जब बैठक समीक्षा आहुत की जाती है तो आना तो दुर....!
नहीं आने कारण बताना या फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझते, और बैठक में शामिल भी नहीं होते हैं।
ऐसे पदाधिकारियों से अपील है कि राष्ट्रीय भ्रष्टाचार नियंत्रण एवं जन कल्याण संगठन परिवार का हिस्सा ना बनें, हमारे संगठन को Quantity ( मात्रा ) नहीं बल्कि Quality ( गुणवत्ता ) चाहिए।
मो. अजरुद्दीन अंसारी
प्रदेश सचिव मीडिया सेल बिहार
Ncc/ Hwo
संपादक
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