_रमेश ठाकुर - रामनगर पश्चिम चंपारण,बिहार_
_दिनांक:- 20-06-2026_
बिहार की लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से 20 एवं 21 जून को पूर्वी गांधी मैदान स्थित बिहार खादी मॉल में दो दिवसीय “ठेकुआ स्वाद परीक्षण कार्यक्रम” का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों को बिहार के पारंपरिक ठेकुआ का निःशुल्क स्वाद लेने का अवसर मिलेगा।
बिहार खादी के अधिकारियों ने बताया कि ठेकुआ बिहार की सांस्कृतिक पहचान और लोक आस्था का प्रतीक है, जो विशेष रूप से छठ महापर्व से जुड़ा हुआ है। अपने विशिष्ट स्वाद, पारंपरिक निर्माण विधि और सांस्कृतिक महत्व के कारण ठेकुआ ने देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल के वर्षों में इस पारंपरिक व्यंजन को वैश्विक मंच पर भी सम्मान प्राप्त हुआ है, जिससे बिहार की समृद्ध पाक विरासत को नई पहचान मिली है।
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान लोगों को ठेकुआ के निर्माण की पारंपरिक प्रक्रिया, इसमें उपयोग होने वाली स्थानीय सामग्री और बिहार की लोक संस्कृति से इसके गहरे संबंध की जानकारी भी दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों द्वारा तैयार किए जाने वाले पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है।
बिहार खादी का मानना है कि यह पहल “वोकल फॉर लोकल” और “मेड इन बिहार” की भावना को मजबूत करेगी। साथ ही स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में भी सहायक साबित होगी। बोर्ड ने सभी नागरिकों, पर्यटकों, खाद्य प्रेमियों और संस्कृति प्रेमियों से कार्यक्रम में भाग लेकर बिहार के पारंपरिक स्वाद का अनुभव करने और स्थानीय कारीगरों के प्रयासों को समर्थन देने की अपील की है।


