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*बिचौलियों पर लगेगी लगाम, किसान सीधे बाजार से जुड़ेंगे*

 


_रमेश ठाकुर - पश्चिम चंपारण,बिहार_

_दिनांक:- 28-01-2026_


राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और कृषि विपणन व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। कृषि रोड मैप (2023-28) के तहत राज्य के कृषि उपज बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण एवं समग्र विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह जानकारी बिहार सरकार के कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने दी।



उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 53 कृषि उपज बाजार प्रांगण कार्यरत हैं, जिनमें से 22 बाजार प्रांगणों का चरणबद्ध तरीके से आधुनिकीकरण एवं विकास किया जा रहा है। इन बाजार प्रांगणों में सासाराम, बेगूसराय, कटिहार, फारबिसगंज, जहानाबाद, दरभंगा, किशनगंज, छपरा, बिहटा, पूर्णिया (गुलाबबाग), मुसल्लहपुर (पटना), आरा, हाजीपुर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, गया, बेतिया, दाउदनगर, मोहनिया तथा स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत बिहारशरीफ कृषि उत्पादन बाजार समिति शामिल हैं।


कृषि मंत्री ने बताया कि दाउदनगर, वैशाली, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी एवं मोहनिया बाजार प्रांगणों में आधुनिकीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष बाजार प्रांगणों में निर्माण एवं विकास कार्य तेजी से प्रगति पर है। इन बाजारों में आधुनिक शेड, सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, कार्यालय भवन सहित अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है।


उन्होंने कहा कि बाजार प्रांगणों के विकास का मुख्य उद्देश्य किसानों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराना, कृषि उत्पादों के भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं मूल्य संवर्धन की सुविधा देना तथा बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना है। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार तक पहुंच भी बेहतर होगी।


श्री यादव ने यह भी बताया कि राज्य के 20 कृषि उपज बाजार प्रांगणों को ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) से जोड़ा जा चुका है, जिससे किसान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों का क्रय-विक्रय कर पा रहे हैं। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि किसानों को देशव्यापी बाजार से जुड़ने का अवसर भी मिला है।


कृषि मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि कृषि उपज बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण से बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और किसान आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनेंगे।

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