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श्रीराम ही जीवन का आधार--- हरि प्रकाशजी महाराज। चारोधाम मिश्रा।दावथ /रोहतास/श्रीराम ही जीवन का आधार हैं।

  


वह आदि भी हैं और अंत भी। विषम परिस्थितियों में जीवन को कैसे संयत रखा जा सकता है, यह शिक्षा हमें श्रीराम के जीवन से मिलती है। यह बात डेवढ़ी में आयोजित शिव शक्ति महायज्ञ में प्रवचन के द्वारा  श्री हरि प्रकाश जी महाराज   ने कही।



उन्होंने कहा कि परमात्मा को पाना है तो अपनी नियति ठीक रखे। धर्म के मार्ग का अनुसरण करें, सच्चाई को अपनाएं। इसके बाद परमात्मा खुद आपके पास चलकर आएंगे।  जन कल्याण के लिए होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में परमात्मा भी किसी न किसी रूप में शामिल होते हैं। इससे साधक को उसका पूरा पुण्य प्राप्त होता है।

 भगवान श्रीराम के दिखाए रास्ते पर चलने की जरूरत है, तभी जाकर बिगड़े काम बन सकते हैं। भगवान श्रीराम ने हमेशा सच्चाई का मार्ग चुना और बुराई रूपी रावण का अंत किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है कि हमें कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। मर्यादा में रहते हुए सभी काम करने चाहिए, तभी जाकर मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है। शिव शक्ति यज्ञ राष्ट्रीय संत भोला बाबा के सानिध्य में हो रहा है।यज्ञ की समाप्ति भंडारे के साथ 2 मार्च को होगी

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