उप संपादक : मंजय लाल सत्यम
आधार बनवाने के लिए आवाम हलकान, कौन करे निदान
बेतिया। पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत विभिन्न आधार कार्ड सेंटरों पर अनियमितता व भ्रष्टाचार इतनी की आवाम परेशान है। सर्वप्रथम जब आधार केन्द्र पर 30 रुपए लिए जाने लगे। ऐसी खबरें समाचार पत्रों की सुर्खियों बनती रही। उसके बाद 50 रूपये वसूली की जाने लगी। आधार केन्द्र विशेष व्यक्तियों के हवाले कर दी गई, तो जनता से वसूली 100 रूपये पहुँच गयी। यूँ कहें कि ज्यों ज्यों दवा की मर्ज़ बढ़ता गया, की तर्ज़ पर आधार बनाने में अनियमितता व भ्रष्टाचार का बोलबाला बढ़ता गया। उसके बाद प्रखण्ड स्तर पर एक केंद्र बनाया गया तो ढाई से तीन सौ रूपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने लगे। कुछ दिन के लिए आधार केन्द्र बन्द कर दिए गए, लीगो की परेशानी बढ़ती गयी। उसके बाद सरकार ने सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक क्षेत्र के कार्यालयों में आधार कार्ड बनाने का कार्य प्रारंभ हुआ। नरकटियागंज आधार कार्ड सेंटर बीएसएनएल कार्यालय, हाई स्कूल चौक आधार कार्ड में सुधार के लिए 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। आधार में सुधार के लिए एक पेज का फॉर्म ₹10 में बेंची जा रही है। "सरकारी काम मे बाधा कानून" नीतीश कुमार की सरकार में आम जनता को धमकाने का मुख्य हथियार बना हुआ है। बीएसएनएल कार्यालय में जहाँ आधार कार्ड का काम किया जा रहा है भ्रष्टाचार का विरोध करने वालों को उसी हथियार की धमकी दिए जाने की खबर मिली है और सोसल साइट पर वायरल है। अलबत्ता नरकटियागंज प्रशासन की चुप्पी भाजपानीत जदयू की सरकार की मौन स्वीकृति लक्षणम को प्रदर्शित करने को पर्याप्त है। हालाकि जदयू के समाजसुधार सेनानी प्रदेश महासचिव अफ़रोज आलम ने इस कुकृत्य को बिहार सरकार को बदनाम करने की साज़िश करार दिया है। इस साज़िश को नकाम करने को जदयू कार्यकर्ताओं ने डीएम पश्चिम चम्पारण व एसडीएम नरकटियागंज को पत्र प्रेषित कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग करने को कहा है।
